लोकसभा चुनाव-2024 मे आयोग की नजर हर छोटी-बड़ी गतिविधियों पर है, जिससे वोटर प्रभावित हो सकते हैं। इसमें जूते-चप्पल, बाल्टी, प्रेशर कुकर, शराब, नशीली दवाएं समेत रेडीमेड कपड़ों, ग्रेनाइट स्टोन, सिरेमिक्स टाइल्स आदि चीजें शामिल हैं। जांच के लिए बिलासपुर रेंज के सीमावर्ती इलाकों में 50 से अधिक प्वाइंट बनाए गए हैं। इसमें एसएसटी समेत अन्य एजेंसियों की टीम जांच में लगी है।

लोकसभा चुनाव में यह पहली बार है कि जब आयोग के लिए अलग-अलग जांच एजेंसियां विभिन्न सामग्री के आने-जाने पर नजर रखी हुई है। हालांकि इन सामानो के बिल दिखाने पर उसे छोड़ दिया जाएगा। इन दिनों शादी-ब्याह का मौसम है। अप्रैल और मई में लग्न होने की वजह से इस दौरान शादियां होंगी। इसकी वजह से गहने, कपड़े और अन्य सामानो की खरीदी की जा रही है। जिले से खरीदी के बाद सामान बाहर भी ले जाए जा रहे हैं। इसे देखते हुए चौकियों में सारी जानकारियां ली जा रही हैं। पकड़ने के बाद आगे की कार्रवाई के लिए उसे आयकर विभाग को सौंप दिया जा रहा है।

जिले के सीमावर्ती इलाकों में जीएसटी समेत इन विभागों की टीम जिले के सीमावर्ती इलाकों में लगातार जांच चल रही है। इसमें सेंट्रल जीएसटी, प्रवर्तन निदेशालय, सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस आदि शामिल हैं। नियमानुसार 10 हजार से अधिक के सामान पर जीएसटी युक्त बिल देखी जा रही है। इस बिल के बिना सामान जब्त किया जा सकता है।गुजरने वाले वाहनों की न केवल जांच की जा रही है, बल्कि उसका वीडियो भी बनाया जा रहा है, ताकि यदि कोई सामान पकड़ा जाता है तो वीडियो को प्रमाण के साथ प्रस्तुत किया जा सके। दर असल लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुये प्रवर्तन एजेंसियों, आयकर विभाग, पुलिस, जीएसटी, सीजीएसटी, एक्साइज विभाग प्रदेश की सीमाओं के साथ ही एक शहर को दूसरे शहर से जोड़ने वाली सीमाओं पर बैरीकेडिंग कर जांच कर रही है।


