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असंवेदनशील पार्षद: तारबाहर क्षेत्र में इन दिनों दूषित पानी की वजह से डायरिया का प्रकोप चरम पर।

वार्ड नंबर 29 संजय गांधी नगर तारबाहर क्षेत्र में इन दिनों दूषित पानी की वजह से डायरिया फैला हुआ है। 60 से 70 लोग इससे पीड़ित है। इसी बीच वार्ड पार्षद का असंवेदनशील चेहरा सामने आया है, जिससे उनके ही वार्ड के लोग नाराज है।

बिलासपुर में इन दिनों खूंटा घाट से लाकर मिशन अमृत योजना के तहत पानी की सप्लाई की जा रही है, लेकिन पाइपलाइन में गंदगी के चलते अधिकांश क्षेत्रों में मटमैले पानी की सप्लाई हो रही है। इन्हें में से एक, वार्ड क्रमांक 29, संजय गांधीनगर भी है। तारबाहर क्षेत्र के इलाके में पिछले 15 दिनों से गंदा पानी आने की शिकायत है, जिससे पूरे क्षेत्र में डायरिया, उल्टी, दस्त की शिकायत है। पेट दर्द और उल्टी के बाद बुजुर्ग और बच्चों समेत करीब 60 से 70 लोग प्रभावित है, जिनमे से 30 से अधिक लोगों को अस्पतालों में भर्ती करना पड़ा है। इन लोगों ने निगम प्रशासन से कम से कम शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि यह गंदा पानी पीना न पड़े। लोगों का कहना है कि वार्ड में लोग गंदा पानी पीने को मजबूर है। उनकी जिंदगी दांव पर लगी हुई है लेकिन पार्षद शेख असलम झांकने तक नहीं आया। शायद इतना भी होता तो लोग सब्र कर लेते, लेकिन इसी दौरान वार्ड पार्षद शेख असलम का असंवेदनशील और अमानवीय चेहरा सामने आया। जिस वक्त उनके ही वार्ड के लोग डायरिया पीड़ित है। अस्पतालों में भर्ती होकर जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहे हैं। उसी दौरान पार्षद अपने समर्थकों के साथ बर्थडे का जश्न मनाते नजर आए और बड़ी ही बेशर्मी के साथ उनके समर्थकों ने यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी डाल दिया, जहां आतिशबाजी के साथ पार्षद केक काटते और जश्न मनाते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो ने पीड़ितों के जख्मों पर नमक का काम किया। लोग इस बात पर उखड़ गए कि वार्ड का आवाम गंदा पानी पीने को मजबूर है और उनका पार्षद जनप्रतिनिधि होने की जिम्मेदारियो से बेखबर जश्न मना रहा है।

तार बाहर एक ऐसा क्षेत्र है जहां हमेशा से ही डायरिया का प्रकोप रहा है। तार बाहर ही क्यों, शहर के अधिकांश मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में इस तरह की समस्या है। हैरानी की बात यह है कि पीड़ितों में अधिकांश पार्षद के स्वजाति लोग है फिर भी पार्षद के पास इतना वक्त नहीं है कि वह उनके घर जाकर हालत को जाने और कम से कम इतनी व्यवस्था करें कि नगर निगम से साफ पानी का टैंकर पहुंचे और उसके माध्यम से घरों में कम से कम पीने का पानी उपलब्ध कराया जाए।

लोगों का गुस्सा इस बात पर भी फूट पड़ा कि उनके पार्षद के पास तो जन्मदिन का जश्न मनाने से फुर्सत नहीं है। वहीं करीब 60 से 70 लोग अब भी बीमार है। पार्षद ने इस बारे में कहा कि व्यापार विहार पानी टंकी से सप्लाई होती थी तो साफ पानी आता था लेकिन जब से अमृत मिशन का पाइप लाइन जोड़ा गया है तब से गंदा पानी आ रहा है और लोग बीमार पड़ रहे हैं। इधर निगम अधिकारियों का दावा है कि पाइपलाइन में कहीं भी लीकेज नहीं है, इसलिए इसे दूषित नहीं कहा जा सकता। अगर ऐसा है तो फिर यह कहना होगा कि खूंटा घाट से ही जैसा गंदा पानी आ रहा है उसे उचित फिल्टर किए बगैर ही घरों में सप्लाई किया जा रहा है। लेकिन जल शाखा के प्रभारी अनुपम तिवारी कह चुके हैं कि अमृत मिशन के पानी की जांच में बैक्टीरिया नहीं मिला, इसलिए डायरिया के लिए अमृत मिशन का पानी जिम्मेदार नहीं है। इसके पीछे कोई और वजह हो सकती है, लेकिन इतना तो साफ है कि वार्ड में अगर दूषित पेयजल की सप्लाई हो रही है तो कहीं ना कहीं जनप्रतिनिधि होने के नाते वार्ड पार्षद शेख असलम कि यह नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि वह इसका समाधान करें। कम से जिस दौरान वार्ड के 30 से अधिक लोग अस्पतालों में भर्ती है, उस दौरान उन्हें संवेदनशीलता दिखाते हुए इस तरह से सार्वजनिक जन्मदिन नहीं मनाना था। इससे केवल उनका अमानवीय चेहरा ही उजागर हुआ है, जिसे लेकर पूरे वार्ड में आक्रोश देखा जा रहा है।

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