थाना सिटी कोतवाली के दयालबंद निवासी छोटू उर्फ अजय जायसवाल दंडित बंदी को केंद्रीय जेल ने उसके गम्भीर बीमारी के इलाज के लिए विशेष पैरोल पर 92 दिन के लिए रिहा किया था। पैरोल खत्म होने के बाद बंदी को वापस जेल लाने की सूचना दी गई, उसके बाद से बंदी छोटू जायसवाल फरार हो गया। उसके विरुद्ध थाना सिटी कोतवाली में धारा 224 के तहत अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया गया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बीते वर्ष 2012 में हत्या सहित अन्य गंभीर मामलों में दयालबंद निवासी छोटू उर्फ अजय जायसवाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। इसके अलावा छोटू को 3000 रुपये जुर्माना भी किया गया था, जिसे नहीं देने के एवज में छोटू को 12 महीने की अतिरिक्त सजा सुनाई गई थी।चुकी 48 वर्षीय छोटू गंभीर बीमारी से जूझ रहा था जिसने अपने इलाज के लिए बीते वर्ष 2018 में न्यायालय में पैरोल की अपील की थी। उस दौरान छोटू की अपील खारिज कर दी गई थी। उसके बाद छोटू ने न्यायालय को अपने बीमारी से अवगत करवाते हुए बीते वर्ष 2019 में पुनः 92 दिन के लिए पैरोल की अपील की इसके बाद छोटू को वर्ष 2024 में पैरोल की अनुमति दी गयी।

जिसके बाद बीते 30 जनवरी को 92 दिनों के लिए इलाज कराने केंद्रीय जेल से पैरोल पर रिहा किया गया।जब बीते 2 मई को अजय जायसवाल की पैरोल की तिथि खत्म हुई और केंद्रीय जेल की टीम उसे वापस जेल लाने के लिए नोटिस देने पहुंची, उसके बाद छोटू फरार हो गया, जिसकी शिकायत केंद्रीय जेल के मुख्य प्रहरी श्रीधर कुमार ने थाना सिटी कोतवाली में दर्ज कराई। सिटी कोतवाली पुलिस फरार दंडित बंदी के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले की विवेचना करते हुए आरोपी की पता तलाश में जुट गई है।



