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बिलासपुर पुलिस का खौफ खत्म? शहर में बदमाशो की तलवार और पिस्टल लहराकर, लूटपाट, मारपीट और हाफ मर्डर जैसी घटना हर दिन देखने को मिल रही है।

वाकई बिलासपुर में अपराधियों का पुलिस से डर भी खत्म हो गया है। तभी तो पुलिस से बेखौफ होकर अपराधी सिलसिलेवार वारदातों को अंजाम दे रहे है। जिस तरह से बिलासपुर शहर में बदमाश तलवार और पिस्टल लहराकर, लूटपाट, मारपीट और हाफ मर्डर कर रोजाना पुलिस को चुनौती दे रहे है। पुलिस भी उनके सामने नतमस्तक नजर आ रही है।

बिलासपुर शहर में लगातार अपराध का ग्राफ बढ़ता जा रहा हैं। पुलिस से बेखौफ होकर अपराधी आए दिन चाकू बाजी, लूटपाट, मारपीट, हाफ मर्डर, मर्डर जैसे गंभीर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।ऐसे लोगों पर ठोस पुलिसिया कार्यवाही नहीं होने की वजह से ही यह लोग बुलंद हौसले के साथ फिर से इसी तरह के वारदात को दोहरा रहे हैं। बिलासपुर शहर और शहर से लगे आसपास के क्षेत्रों में ऐसा एक दिन भी नहीं जाता जब लोगों को यह पता नहीं चले कि शहर में लूटपाट चाकू बाजी मारपीट हाफ मर्डर जैसे वारदात ना हुए हो। न्यूज़ चैनल और दैनिक अखबारों में भी रोजाना इसी तरह के मामले सुर्खियां बटोर रही है। इससे पुलिस विभाग की भी जमकर फजीहत हो रही है। इसी तरह बीते दिन थाना सरकंडा अंतर्गत आरके पेट्रोल पंप में एक बदमाश पिस्टल लहराते हुए नजर आया।बदमाश की करतूत पेट्रोल पंप में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई जो जमकर वायरल हो रही है।

पता चला कि बाइक में पेट्रोल डलवाने के दौरान बदमाश का आरके पेट्रोल पंप के।कर्मचारी से विवाद हो गया और बदमाश ने तैश में आकर पिस्टल निकाल ली। इसके अलावा थाना सिविल लाइन अंतर्गत व्यापार विहार पुराना आरटीओ मोड़ के पास हिमांशु, गौराहा और उसके दोस्तों ने मिलकर ड्राइविंग का काम करने वाले तालापारा निवासी अमजद अली के ऊपर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इसमे अमजद को गम्भीर चोटें आई है।अमजद ने थाना तारबाहर में इस मामले की लिखित शिकायत की है। हालांकि जब इन तमाम विषयों पर कोतवाली सीएसपी पूजा कुमार से बात की गई उनसे पूछा गया कि पुलिस इसके रोकथाम को लेकर क्या कर रही है तो उन्होंने पहले तो बिलासपुर पुलिस की वाहवाही की उसके बाद गोलमोल जवाब देकर पुलिस की उपलब्धियां गिनाने लगी।

गौरतलब हो कि एक तरफ पुलिस से बेखौफ होकर बदमाश जहां शहर में हथियार लेकर घूम रहे है जिनके चलते शहर में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। तो वहीं पुलिस है जो ऐसे बदमाशों पर किसी तरह की कोई कार्यवाही नही कर पा रही है। ऐसे बढ़ते अपराधों पर रोकथाम की सबसे बड़ी जिम्मेदारी भी एसीसीयू और उसके बाद सम्बन्धित थानों की है। लेकिन एसीसीयू के जिम्मेदार कर्मचारी है जो अपराधियों की पकड़ धकड़ करने की बजाय सट्टे के पैसे के लिए आपस मे लड़ रहे हैं।

जिस तरह से पिछले कुछ महीनो में बिलासपुर जिले में अपराध का ग्राफ बढ़ा है उसे निश्चित ही बिलासपुर पुलिस सवालों के कटघरे में भी है जिसको लेकर बिलासपुर पुलिस विभाग के ऊपर तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं। शहर का माहौल ऐसा हो गया है कि रात के अंधेरों के अलावा दिनदहाड़े अपराधिक प्रवृत्ति के लोग किसी भी वारदात को अंजाम देने से नहीं चूक रहे हैं। शायद यही वजह है कि लोग रात के अंधेरे में घर के बाहर निकलने से भी डर रहे हैं। समस्या यह भी है कि चुनाव से पहले जिस तरह से जनप्रतिनिधियों ने बिलासपुर शहर को अपराध मुक्त करने का दावा और वादा किया था वह भी अब खामोश बैठे हुए हैं देखने वाली बात होगी कि बिलासपुर पुलिस आखिर कब तक बढ़ते अपराध पर अंकुश लगाने में कामयाब साबित होती है।

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