यात्रियों के स्वास्थ्य के साथ खेलवार कर रही रेल्वे प्रशासन।
ट्रेनों की पेंट्रीकार का भोजन खाकर यात्री बीमार हो सकते हैं। पेंट्रीकार के अंदर गंदगी पसरी मिली। वही पेंट्रीकार में काक्रोच इतने है, की इसे देखकर यात्री खाना लेना बंद कर देंगे। इतनी अव्यवस्था होने के बाद भी आईआरसीटीसी के कर्मचारी पेंट्रीकार की जांच नहीं करते। ट्रेनों की पेंट्रीकार की व्यवस्था में कोई सुधार नहीं आ रहा है। बिलासपुर स्टेशन पहुंचने वाली ट्रेनों की पेंट्रीकार में आईआरसीटीसी के अधिकारी कभी जांच तक नही करतें। रविवार को हावड़ा अहमदाबाद एक्सप्रेस के पेंट्रीकार के अंदर काक्रोच का भरमार मिला। अंदर समोसा बनाने का मसाला और कढ़ाई में सब्जी खुले में पड़ी थी। उस पर मक्खियां भिनभिना रहीं थी। अंदर में गंदगी भी अधिक थी। मगर आईआरसीटीसी के अफसर इस ओर ध्यान ही नहीं दे रहे हैं।

ट्रेनों की पेंट्रीकार में भोजन पकना अब लगभग समाप्त होता जा रहा है। लेकिन पेंट्रीकार बंद नहीं की जा रही हैं। चाय और ताजा नाश्ता पेंट्रीकार में ही तैयार हो रहा है। साथ ही भोजन गरम करने की व्यवस्था रखी जा रही है। भोजन सीधे बेस किचन से लेना पड़ रहा है। ऐसी व्यवस्था रेलवे ने इसलिए कि ताकि साफ-सफाई का ध्यान रखा जा सके। लेकिन पेंट्रीकार संचालक गंदगी फैलाने में कोई कमी नहीं कर रहे हैं। पेंट्रीकार के मैनेजर ने भी गन्दी रैक और काक्रोच की बात को स्वीकार किया है।


पेंट्रीकार के अंदर समोसा बनाने के लिए जो मसाला तैयार किया गया था उसका कुछ हिस्सा थाल पर खुला पड़ा था, उस पर मक्खियां भिनभिना रही थीं। वही खुले में सब्जी समेत अन्य खाद्य सामग्री रखे हुए थे। इससे यात्रियों की सेहत खराब हो सकती है। जबकि आईआरसीटीसी ने हर ट्रेन में अपना एक सुपरवाइजर रखने की व्यवस्था की है। रविवार को पेंट्रीकार में मैनेजर के अलावा कोई सुपरवाइजर नजर नहीं आया।



