रेलवे स्टेशन से सवारी बैठाने को लेकर लंबे समय से चल रही पैट्रोल ऑटो और ई रिक्शा की लड़ाई को खत्म करने ट्रैफिक एएसपी रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां उन्होंने पैट्रोल ऑटो और ई रिक्शा के पदाधिकारी और चालकों की मीटिंग लेकर आपसी तालमेल बनाकर काम करने हिदायत दिया। लगातार पेट्रोल ऑटो और ई रिक्शा वालों के बीच ऑटो खड़ी करने को लेकर वाद विवाद की स्थिति निर्मित हो रही थी। वहीं ई रिक्शा वाले भी जिला प्रशासन से लंबे समय से पृथक स्टैंड की मांग कर रहे है। स्टैंड नहीं होने के चलते ई रिक्शा वाले शहर में चारों तरफ बेतरतीब पार्किंग कर रहे हैं।

यही वजह रही की गुरुवार की दोपहर ट्रैफिक एडिशनल एसपी नीरज चंद्राकर डीएसपी संजय साहू सहित अन्य स्टाफ रेलवे स्टेशन ऑटो स्टैंड पहुंचे। यहां उन्होंने स्टैंड स्थल का जायजा लिया। उसके बाद पेट्रोल और ई रिक्शा वालों की मीटिंग लेकर दोनों को आपसी सामंजस्य बनाकर काम करने हिरायत दिया गया। एडिशनल एसपी नीरज चंद्राकर ने स्पष्ट कहा कि नियमानुसार पहले चार पैट्रोल ऑटो सवारी भरेंगे उसके बाद दो ई रिक्शा वाले अपने रिक्शा में सवारी बिठाएंगे। अगर इसके बावजूद किसी भी तरह की कोई भी शिकायत पुलिस तक पहुंचती है तो वह सख्ती से कार्यवाही करेंगे। हालांकि एडिशनल एसपी के इस फैसले को ई-रिक्शा और पैट्रोल ऑटो के पदाधिकारी ने सराहा और कहा कि हम व विवाद, लड़ाई झगड़ा करने नहीं आए हैं बल्कि हम ऑटो रिक्शा चला कर दो पैसा कमा कर अपना घर चलाने के लिए काम कर रहे हैं।



बहरहाल पुलिस और ऑटो संघ की मीटिंग के दौरान जिला ऑटो संघ के अध्यक्ष सहित कुछ अन्य चालकों के हावभाव देखकर तो यही लग रहा था कि ये लोग पुलिस के फैसले से संतुष्ट नहीं है।क्योंकि पूरे मीटिंग के दौरान अध्यक्ष सहित अन्य के द्वारा लगातार कहा जा रहा था कि रेलवे ने पैट्रोल ऑटो संघ को जगह अलॉटमेंट किया है। ई रिक्शा वाले भी रेलवे के पास जाकर जगह अलॉटमेंट करवा लें। कहीं ऐसा ना हो, इसी वजह से इन दोनों के बीच भविष्य में विवाद की स्थिति निर्मित हो। फिलहाल देखना होगा कि एडिशनल एसपी नीरज चंद्राकर के बताए गए नियमानुसार पैट्रोल ऑटो और ई रिक्शा चालक ऑटो चलाते हैं या फिर मजबूरन वश ट्रैफिक पुलिस को इन पर सख्त कार्रवाई करने मजबूर होना होगा।



