सफर के दौरान रेलवे यात्रियों की परेशानी दूर करने की बजाय टरकाने का प्रयास करती है। शनिवार को सिकंदराबाद-पटना स्पेशल ट्रेन में यही देखने को मिला। ट्रेन जब सिकंदराबाद से छूटी तब दो कोच के एसी खराब थे। यात्रियों ने उसी समय संबंधित स्टेशन को सूचना दी। वहां से आगे के स्टेशन में सुधार होने की बात कहकर ट्रेन को रवाना कर दिया गया। सिकंदराबाद से बिलासपुर तक इसी तरह टरकाते रहे। बिलासपुर पहुंचने के बाद यात्रियों के सब्र का बांध फूट पड़ा। यहां यात्री अड़ गए कि जब तक सुधार नहीं होगा ट्रेन आगे नहीं बढ़ेगी। जमकर हंगामा भी किया। जिसके बाद रात 12 बजे ट्रेन को रवाना किया गया। जोनल स्टेशन में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो चुकी थी। यात्री कोई भी आश्वासन मानने को तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि अब ट्रेन तब जाएगी, जब दूसरा कोच लगाया जाएगा।

इसी स्थिति में ट्रेन रवाना की गई। लेकिन, यात्रियों ने चेन पुलिंग कर दी। जितनी बार ट्रेन स्टार्ट होती और कुछ दूर आगे बढ़ती नाराज यात्री ट्रेन रोक देते। इधर ट्रेन के सामने के कुछ प्लेटफार्म से बाहर निकल गए। प्लेटफार्म में 200 के लगभग यात्री उतरे थे। उसके बाद ट्रेन रवाना करना रेलवे की लापरवाही को उजागर करती है। भड़के यात्रियों का कहना था कि रेलवे यात्रियों के साथ छल कर रही है। पूरा किराया वसूलने के बाद सुविधाएं नहीं देती। इस मामले की शिकायत रेलवे बोर्ड और रेलमंत्री से करने की बात उन्होंने कही। यहां भी शिकायत पर सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन तक करने की चेतावनी यात्रियों ने दी।



