कोचिंग संचालकों को केवल अपनी कमाई से ही मतलब है, लोगों को हो रही असुविधा से उन्हें कोई लेना देना नहीं है। दयालबंद में करियर प्वाइंट कोचिंग संचालित है, यहां नीट, जेईई 10वीं 12वीं की कोचिंग कराई जाती है, लेकिन यहां पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। सारे वाहन सड़कों पर ही खड़े रहते हैं, और वही जनरेटर को भी सड़क किनारे ही रख दिया गया है। जिससे एक ओर की सड़क सकरी हो गई है, जिसमें आए दिन जाम की समस्या होती है। जब इस विषय पर कोचिंग संचालक से बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया, लगातार शहर की व्यवस्था दुरुस्त करने का दावा करने वाली नगर निगम और यातायात विभाग को दयालबंद का यह करियर प्वाइंट कोचिंग क्यों नजर नहीं आता, सड़कों तक खड़ी गाड़ियां क्यों जप्त नहीं की जाती है।

इसे लेकर राहगीरों में भी रोष है, उनका कहना है कोचिंग संचालक केवल बच्चों से फीस लेता है लेकिन सुविधाओं के नाम पर उन्हें एक अदद पार्किंग भी उपलब्ध नहीं कर पा रहा है। धूप में गाड़ियां खड़ी होकर खराब हो रही है तो वहीं यातायात जाम से लोग हलाकान हो रहे हैं, निगम और यातायात विभाग को चाहिए कि ऐसे कोचिंग संचालकों पर कार्यवाही की जाए, गांधी चौक से लेकर दयालबंद तक सैकड़ो कोचिंग बिना पार्किंग के संचालित हो रही है।जिसकी वजह से लोगों को बड़ी परेशानी होती है तो वही सड़क जाम की समस्या तो आए दिन की बात बन गई है।





