घर की खाली पड़ी जमीन या फिर कृषि भूमि मे सब्जियों की खेती करने वाले किसानों को अब बाजार से महंगे दाम पर बीज या पौधे खरीदने की मजबूरी नहीं रहीं। किसानों को मामूली कीमत पर कोनी के शासकीय उद्यान मे य़ह आसानी से उपलब्ध है।
बीजों को अंकुरित कर इसे पौधा बनाने के लिए उचित मात्रा में प्रकाश, तापमान, ऑक्सीजन और पानी की आवश्यकता होती है। कोनी मे इसे ग्रीन हाउस के नाम से पहचान मिली, उन्नत तकनीक से अब यहां करीब एक महीने मे सब्जियों के छोटे छोटे पौधे यानी थरहा तैयार किया जाता है, उद्यान अधीक्षक ए के परस्ते ने बताया इस सीजन की पहली नर्सरी मे टमाटर बैगन और हरि मिर्च के करीब आठ लाख पौधे तैयार है।

बारिश का मौसम कुछ दिनों बाद शुरू हो जाएगा, किसान मौसम अनुकूल सब्जियों का थरहा खरीदने लगे है। इसे सीधे खेतों मे रोप दिया जाता है, कोनी के शासकीय नर्सरी से उचित दरों पर य़ह उपलब्ध कराया जा रहा है। पौधे उपलब्ध कराने के लिए कोनी नर्सरी मे उद्यानिकी विभाग ने वेजिटेबल सीडलिंग यूनिट में प्रोडक्शन तेज कर दिया है। बीजों से पौधे तैयार कराने यूनिट का फायदा कई सालों से किसानों को मिल रहा है।

अच्छी किस्म के बीजों का अंकुरण किया जाता है ताकि किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर लाभ मिले। घर पर सब्जियां उगाने की शौकीन कई लोग पौधे लेने यहां आते है। बाजार मे मिलने वाली सब्जियों पर निर्भरता कम करने कुछ लोग अपनी तरकारी खुद तैयार करते है।


निश्चित तापमान और प्रकाश नियंत्रित किया जाता है। एक-एक सीडलिंग यूनिट की नियमित जांच कर खराब पौधे निकाल दिए जाते है। पूरी तरह से स्वस्थ्य पौधों को पर्याप्त पानी और खाद देकर बच्चों की तरह देखभाल की जाती है।


