बिलासपुर रेलवे स्टेशन में यात्रियों को चौतरफा समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। एक तो एसईसीआर ने 125 से अधिक ट्रेनों को रद्द कर दिया है उस पर जो ट्रेन चल रही है वह घण्टों लेट चल रही है। उस पर शनिवार की सुबह से बिजली बंद होने के चलते भीषण गर्मी के बीच यात्रियों से लेकर स्टॉल के कर्मचारी तक के पसीने छूट गए।बिजली गुल के चलते ही स्टॉल से लेकर प्लेटफॉर्म तक मे पानी के लिए यात्री तरसते रहे।



बिलासपुर जोनल स्टेशन अब केवल नाम मात्र का ही जोनल रह गया है। क्योंकि यहां आए दिन यात्रियों को विभिन्न समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। वर्तमान में यात्री, ट्रेनों की लेटलतीफी की समस्या से जूझ ही रहे थे कि रेलवे ने अलग अलग कामकाज का हवाला देकर सिलसिलेवार तकरीबन 130 यात्री ट्रेनों को रद्द करके यात्रियों के सामने पहाड़ जैसा मुसीबत खड़ा कर दिया है। उस पर शनिवार की सुबह 8 बजे से बिजली बिजली बंद होने के चलते अपने गंतव्य तक जाने के लिए ट्रेनों का इंतजार करते यात्रियों का भीषण गर्मी के चलते बुरा हाल हो गया। रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म से लेकर वेटिंग हॉल में बैठे यात्री हाथ पंखा और गमछे से खुद को हवा करते नजर आए।बिजली गुल की वजह से यहां ना तो मिस्टिंग मशीन चला ना ही प्लेटफार्म पर लगे पंखे चले। इतना ही नहीं बिजली बंद के चलते नलों के अलावा स्टालो से भी यात्रियों को ठंडा पानी नसीब नहीं हो सका। यात्रियों से बातचीत में सारे यात्री, रेलवे को कोसते और अपना दुखड़ा मीडिया को सुनाते दिखे।

गौरतलब है कि एसईसीआर का प्रमुख रेलवे स्टेशन बिलासपुर में शनिवार की सुबह से बिजली बंद होने से रेलवे स्टेशन आने वाले यात्रियों से लेकर यहां काम करने वाले स्टाल कर्मचारियों का बुरा हाल रहा। हालांकि यहां रेलवे के अधिकारियों का दफ्तर जरूर बिजली से रोशन रहा और सभी एसी कूलर में बैठे हुए नजर भी आये। हालांकि जब दोपहर को बिजली आई तो स्टॉल के कर्मचारियों से लेकर यात्रियों ने भी राहत की सांस ली। फिलहाल बिजली किस वजह से घण्टो बन्द रही इसकी जानकारी देने वाले जिम्मेदार भी स्टेशन में नजर नही आये।





