गैस पाइपलाइन बिछाने का काम शहर में चल रहा है वही इस में लगे मजदूरो को पिछले ढाई माह से वेतन नहीं मिला है, जिससे उनके सामने भूखों मरने की नौबत आ गई है। भारत के अलग-अलग राज्यों से आकर यहां मजदूर काम कर रहे हैं, लगातार वेतन न मिलने पर उनके सब्र का बांध टूट गया और मंगलवार को उन्होंने काम बंद करते हुए हंगामा कर दिया। ध्यान रहे पाइप लाइन से जिस तरह घरों में पानी पहुंचता है, ठीक उसी तरह अब जल्द ही शहरवासियों को पाइप लाइन के जरिए रसोई गैस की आपूर्ति की जाएगी।



छत्तीसगढ़ में इसकी शुरुआत बिलासपुर और कोरबा जिले से होगी। इन दोनों जिलों को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शामिल किया गया है। गैस अथारिटी आफ इंडिया लिमिटेड को नागपुर से झारसुगुड़ा तक का काम गेल इंडिया लिमिटेड को 15 मई 2020 को दिया गया। यह पाइपलाइन मुंबई से नागपुर तक जुड़ चुकी है। नागपुर से छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव, रायपुर, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़ होते हुए झारसुगुड़ा तक पाइपलाइन जोड़ी जा रही है। वर्तमान में तोरवा चौक पर यह काम चल रहा है, यहां लगे कर्मचारी केरल बिहार उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से आकर काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि दिल्ली के सुपरवाइजर ने उन्हें यहां बुलाया है, पाइपलाइन बिछाने का ठेका अडानी कंपनी को दिया है, अडानी ने सरयू कंस्ट्रक्शन को यह ठेका दिया है, सरयू कंपनी के अंतर्गत इन कर्मचारियों को वेतन का भुगतान किया जाना था, लेकिन अब तक इन्हें ₹1 भी नहीं मिला है इस पर उनका कहना है अगर हमें हमारा मेहनताना नहीं मिलता तो हम यहां पर सुसाइड कर लेंगे।


