
बिलासपुर / मां महामाया का राजसी श्रृंगार
आज करीब एक हजार साल के इतिहास में पहली बार रतनपुर की मां महामाया का राजसी श्रृंगार परंपरा से अलग हटकर किया गया है। महामाया माई का राजसी श्रृंगार एक साल में सिर्फ तीन बार चैत्र नवरात्रि, क्वांर नवरात्रि और दीवाली पर किया जाता है। 1042 में बने इस मंदिर में इससे पहले आम दिनों में कभी भी राजसी श्रृंगार नहीं हुआ। पहली बार ऐसा हुआ, जब साल में चौथी बार राजसी श्रृंगार किया गया है। ऐसा इसलिए कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रतनपुर पहुंची थीं और उन्होंने दर्शन किया।




