मानसून आने के पूर्व संवेदनशील क्षेत्रों में रेलवे ने सतर्कता बढ़ा दी है। इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारी इन दिनों मानसून पेट्रोलिंग में जुटे हैं। वही मौके पर तैनात रहकर ओर पैदल घूम-घूमकर नजर बनाये हुए है।

रेलवे में भी मानसून पेट्रोलिंग का नियम है। इसका पालन करने के लिए रेलवे ने तैयारी पूरी कर ली है। पेट्रोलिंग उन जगहों पर की जा रही है जो संवेदनशील क्षेत्र हैं। वही जिन जगहों पर तीसरी लाइन और चौथी लाइन का कार्य किया जा रहा है ट्रैक को मेंटेन करने का कार्य इन दिनों रेलवे कर रही है अलग-अलग रेल ट्रेकों में गिट्टी को स्लीपर में अच्छे से बैठाने का कार्य किया जा रहा है ताकि स्लीपर के बीच मे गेप न हो। इसके लिए लगातार मजदूरों के माध्यम से ट्रैक के गिट्टी की सफाई के साथ-साथ गिट्टी बिछाने का काम कराया जा रहा है। बारिश के मद्देनजर संवेदनशील क्षेत्रों में रेलवे ने सतर्कता बढ़ा दी है। इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारी इन दिनों मानसून पेट्रोलिंग में जुटे हैं। वही मौके पर तैनात रहकर और पैदल घूम-घूमकर नजर बनाये हुए है।

इंजीनियरिंग विभाग के अलावा अन्य विभाग भी अपने-अपने स्तर पर सतर्कता बरतते हुए ठोस उपाय करने में जुटे हैं। संकेत, दूर संचार और इलेक्ट्रिक विभाग बिजली से संबंधित व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करने में जुटे हैं तो ओएचई विभाग ने तार का मेंटेनेंस और इसमें बाधा पहुंचाने वाले वृक्षों की छंटाई का काम भी पूरा कर लिया है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में संवेदनशील क्षेत्र रायगढ़-झारसुगुड़ा, रायगढ़-कोरतलिया, ईब-झारसुगुड़ा, बिलासपुर-अनूपपुर, अनूपपुर – अंबिकापुर में सतत निगरानी रखी जा रही है। जोन के तीन डिवीजन को मिलाकर 92 संवेदनशील क्षेत्र हैं।




