शहर का जल स्तर बढ़ने और अरपा की सुंदरता बढ़ाने नदी पर दो बैराज का निर्माण किया जा रहा है, जो अब तक पूरा नहीं हो सका है। जबकि बरसात लग चुका है, अरपा नदी के संरक्षण के लिए तट वर्धन का काम भी चल रहा है, शहर का जलस्तर बढ़ने नदी पर दो बैराज बनाए जा रहे हैं, महामाया चौक के पास कालीघाट पर और दूसरा पचरीघाट पर बैराज का निर्माण किया जा रहा है, पानी रोकने 20 गेट होंगे, पचरी घाट के बैराज का काम लगभग पूरा हो चुका है और इसका ट्रायल भी हो चुका है जबकि शिवघाट के बैराज का निर्माण अब भी अधूरा ही है, जबकि लगातार एक्सटेंशन मिलने के बावजूद भी निर्माण पूरा नहीं होना निर्माण एजेंसी और जल संसाधन विभाग की लापरवाही और निष्क्रियता को दिखाता है।



समय पर निर्माण पूरा नहीं होने से इसकी लागत भी बढ़ रही है। शहर वासियों को कहना है कि बैराज का काम बहुत धीमी गति से चल रहा है लगता है की बरसात में भी इसका निर्माण पूरा नहीं हो सकेगा। अब नदी में पानी आ जाने के बाद काम रुक जाएगा, अगले साल संभावना जताई जा रही है कि निर्माण पूरा हो सके। इस साल भी अरपा में पानी का भराव दिखाई नहीं देगा। प्रशासन के सुपरविजन के अभाव के चलते सरकार की महती योजना भी समय पर पूरी नहीं हो पाई है इसे लेकर शहर वासियो में नाराजगी है।


