सकरी के अटल आवास में डायरिया का प्रकोप फैल गया है. यहां रहने वाले करीब 50 से अधिक लोग उल्टी-दस्त से पीड़ित हैं. इलाके में साफ-सफाई का अभाव और गंदा पानी पीने से लोग बीमार पड़ रहे हैं. इसकी सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम कैंप लगाकर मरीजों का इलाज कर रही है. क्षेत्र वासियो में नगर निगम,पीएचई विभाग,स्वास्थ्य विभाग और पार्षद के प्रति भी आक्रोश है। जबकि जोन कमिश्नर और पार्षद एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप कर रहे हैं, सबका खामियाजा सकरी के अटल आवास में रहने वालों को उठाना पड़ रहा है। हर बार निचली बस्तियों में डायरिया का प्रकोप देखने को मिलता है उसके बावजूद भी विभाग इस और कोई ठोस कदम नहीं उठाता है।



बरसात होते ही सकरी में डायरिया फैल गया। मात्र 2 दिनों में उल्टी-दस्त के 59 मरीजों की पहचान की गई। जर्जर पाइप लाइन के चलते लोग बीमार हो गए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मौके पर शिविर लगाकर मरीजों का इलाज किया जा रहा है। वहीं घर-घर सर्वे कर मरीजों की पहचान की जा रही है। बरसात के मौसम में डायरिया बीमारी तेजी से फैलता है। नालियों से होकर गुजर रही जर्जर पाइप लाइन से क्षेत्र में डायरिया फैलना तय है। ऐसा ही मामला सकरी में सामने आया है। सकरी के वार्ड क्रमांक 1 बजरंग नगर में प्रदुषित पानी पीने से एक-एक कर लोग बीमार होने लगे। उल्टी-दस्त के पीड़ित अस्पताल पहुंचने लगे। क्षेत्र में डायरिया फैलने की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को मिली। विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। वहीं स्वास्थ्य शिविर लगाकर मरीजों का इलाज शुरू किया गया। रविवार और सोमवार को कुल 59 मरीजों की पहचान की गई। राहत की बात यह है कि इनमे से किसी की हालत गंभीर नहीं है। एक भी मरीज अस्पताल में भर्ती नहीं है। मौके पर लोगों ने बताया कि यहां काफी समय से साफ सफाई नहीं हो रही है, वहीं पेयजल पाइप लाइन भी सेप्टिक टैंक से होकर गुजरा है। इस वजह से यहां आए दिन संक्रमित बीमारियां फैलती है, पार्षद, निगम के कोई अफसर औऱ स्वास्थ्य अमला इधर झांकने भी नहीं आते, जब यहां कोई बड़ी बीमारी होती है तब दिखावे के लिए साफ सफाई सर्वे का काम किया जाता है।



बताया जा रहा है पाइपलाइन जर्जर होने के कारण प्रदुषित पानी लोगों के घरों में पहुंचा है। इसके पूर्व भी इसी वजह से क्षेत्र में डायरिया फैला था। लोगों ने इसकी शिकायत भी की थी। लेकिन पाइप लाइनों को दुरूस्त नहीं किया गया। स्वास्थ्व विभाग की टीम घर-घर जाकर सर्वे कर रही है। वहीं पानी उबालकर पीने की सलाह दी गई है ,इस मौके पर जोन कमिश्नर भी सफाई का निरीक्षण करने पहुंची उन्होंने बताया कि सूचना मिलने पर घर-घर सर्वे कराया जा रहा है साथ ही मितानिन द्वारा दवाइयां भी बांटी जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंगलवार को पानी का सैंपल एकत्र किया हैं,इसे जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा। लैब की रिपोर्ट आने पर पता चलेगा कि पानी प्रदुषित है कि नहीं। वहीं वार्ड वासियों ने पार्षद पर उपेक्षा का आरोप लगाया है, उनका कहना है कि पार्षद इस तरफ झांकने भी नहीं आते जबकि वार्ड पार्षद का कहना है कि साफ सफाई पेयजल की समस्या से जोन कमिश्नर को अवगत कराया गया है उसके बावजूद भी इस ओर निगम प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है।

हालांकि पानी के प्रदुषित होने की पूरी आशंका है। ऐसे में सभी घरों में पानी साफ करने के लिए दवा भी बाटी गई है।पाइपलाइन से प्रदूषित पानी लोगों के घरों में पहुंचा था। जिसे पीने के बाद लोग बीमार हुए। हर बार बारिश आते ही डायरिया पैर पसारने लगता है और नलों से गंदा पानी आने की शिकायत होती है, उसके बावजूद भी निगम और पीएचई विभाग इस पर कोई पुख्ता इंतजाम नहीं करता ,जब कोई महामारी फैलती है तब अमला मैदान में दिखाई देता हैं, उसके बाद फिर से गायब हो जाता हैं। कुछ महीने पहले ही चांटीडीह, तिफरा,तालापारा में भी इसी प्रकार महामारी फैला हुआ था, उसके बाद भी विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, ना हीं पाइपलाइन को बदला और ना ही साफ सफाई की पर्याप्त व्यवस्था की है।


