मिशन अस्पताल की जमीन पर अलग-अलग हिस्सों को एक निजी अस्पताल, चौपाटी, होटल, मोटर कारोबारी और तिब्बती वूलन मार्केट को किराए पर दे दिया गया है। इसकी जांच करने कलेक्टर अवनीश शरण और नगर निगम आयुक्त अमित कुमार मौके पर पहुंचे थे।



आयुक्त ने बताया कि परिसर का मुआयना किया गया है। अस्पताल की जमीन पर मोटर गैरेज, चौपाटी सहित अन्य कब्जे हैं। जल्द ही इस मामले में कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि मिशन अस्पताल की जमीन का 1964 में जब लीज नवीनीकरण किया गया था, तब यहां कल्याणकारी कामों के लिए अस्पताल चलाने की बात कही गई थी। लीज 1994 में खत्म हो गई। इसके बाद से नवीनीकरण का मामला पेंडिंग है।


गौरतलब हैं कि 1990 के बाद धीरे-धीरे मिशन अस्पताल बदहाल होने लगा। स्वास्थ्य सुविधाएं कम होती गईं। डॉक्टर यहां से जॉब छोड़ते गए। हालात ऐसे हो गए कि मुख्य इमारत का बड़ा हिस्सा खंडहर में बदल गया। बाद में इमारत के सामने के हिस्से को निजी डॉक्टरों को किराए पर दे दिया गया। एक हिस्से में नर्सिंग कॉलेज खोल दिया गया। पिछले 10 सालों में तो इस पूरे परिसर के कई हिस्से किराए पर चढ़ा दिए गए। इसके बाद कलेक्टर और निगम आयुक्त ने मौके पर जाकर पूरी स्थिति देखी।


