Homeहमर बिलासपुरसोमवार रात तारबाहर स्थित रेलवे बीसीएन डिपो में काम कर रहे रेलवे...

सोमवार रात तारबाहर स्थित रेलवे बीसीएन डिपो में काम कर रहे रेलवे के अप्रेंटिस कर्मचारी की करंट लगने से मौत, विभाग की लापरवाही और मुआवजे के नाम पर सहकर्मियों का हंगामा।

सोमवार रात तारबाहर स्थित रेलवे बीसीएन डिपो में काम कर रहे रेलवे के अप्रेंटिस कर्मचारी की करंट लगने से मौत हो गई। मंगलवार को विभाग की लापरवाही और मुआवजे के नाम पर उसके सहकर्मियों ने हंगामा कर दिया।

रेलवे में मशीनिस्ट और अन्य पदों पर अप्रेंटिस काम करते हैं। आरोप है कि उन्हें रेलवे द्वारा पर्याप्त सुरक्षा उपकरण नहीं दिए जाते। सोमवार रात को भुसावल जलगांव निवासी 22 वर्षीय प्रसाद गजानन काले अपने साथी प्रणव कुमार के साथ बीसीएन डिपो में काम कर रहा था। इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई, उसका साथी भी इससे प्रभावित हुआ है। प्रसाद गजानन के सहकर्मियों का आरोप है कि रेलवे द्वारा उन्हें बेहद मामूली मेहनताना देकर जोखिम का काम कराया जाता है। उन्हें पर्याप्त सुरक्षा उपकरण तक नहीं दिए जाते। महीने में केवल एक बार ग्लब्स दिया जाता है जबकि वह दो-तीन दिन में ही फट जाता है। इन कर्मचारियों का बीमा भी नहीं होता। नियमानुसार टेक्नीशियन की देखरेख में अप्रेंटिस को काम करना होता है लेकिन अक्सर टेक्नीशियन वहां मौजूद ही नहीं होते। इसी वजह से प्रसाद गजानन काले की मौत हुई है, जिससे उनके साथियों का आक्रोश फूट पड़ा।

इस घटना से आक्रोशित अप्रेंटिस ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद अधिकारी भागे चले आए और उन्होंने इस पूरे मामले में छानबीन और विभागीय जांच की बात कही। इस दौरान एडीआरएम ने आंदोलनकारियो से चर्चा कर उन्हें शांत कराया।

रेलवे में किसी भी अप्रेंटिस के गर्दन पर छुरी रखकर काम नहीं कराया जाता। ये सभी अपनी मर्जी से आए हैं लेकिन प्रसाद गजानन की दुर्भाग्य जनक मौत के बाद इनमें से अधिकांश अपनी राजनीतिक और स्वार्थ की रोटी सेंकने में लग गए। अधिकांश को ना तो घटना के बारे में कोई जानकारी थी ना ही अधिकारी से क्या बात हुई यह उन्हें पता था, लेकिन वे आपदा में अवसर ढूंढते जरूर नजर आए।

रेलवे बीसीएन डिपो में हुए दुर्भाग्य जनक घटना में मात्र 22 वर्षीय अप्रेंटिस प्रसाद गजानन काले की दुर्भाग्य जनक मौत हो गई, जिससे विभाग में मातम है, वहीं उनके साथी उनके परिवार के किसी सदस्य को सरकारी नौकरी देने, पर्याप्त मुआवजा देने और अन्य कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण देने की मांग कर रहे हैं। और हर बार की तरह अधिकारी जांच और कार्यवाही का झुनझुना पकड़ाते नजर आए। कर्मचारियों ने दावा किया कि बिलासपुर में ही पिछले 15 दिनों में इस वजह से दो मौत हो चुकी है और भारत में 4, इन्होंने कहा कि मात्र ₹7000 देकर उनके जान से खिलवाड़ किया जा रहा है, जबकि इन्हीं के कुछ साथी यह कहते नजर आये कि 40- 45 हजार देकर उन्हें खटाया जा रहा है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments