डमी एडमिशन और कोचिंग क्लास पर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही करने की मांग अमित भूषण गौर ने जनदर्शन में की हैं। मुख्यमंत्री साय ने उच्च अधिकारियों को इस पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए। शिकायत में कहा गया है कि बिलासपुर एवं आसपास के स्कूलों में डमी एडमिशन देकर भारी रकम वसूली जा रही है, पर इन स्कूल और कोचिंग पर किसी का ध्यान नहीं है। इन संबंधित शालाओं की जानकारी शिक्षा विभाग के अधिकार क्षेत्र में है। जिले के ज्यादातर कोचिंग संस्थानों में ऐसा ही चल रहा है।



दो स्कूलों की मान्यता समाप्त कर भारी भरकम जुर्माना भी लगाया गया है। इसके बावजूद भी स्कूलों में ये प्रक्रिया जारी है। शिक्षक ने इसकी शिकायत मंगलवार को कलेक्टर से भी की है, इस दौरान उन्होंने बताया कि डमी क्लास माफिया जिले सहित प्रदेश भर में तेजी से बढ़ रहा है, इस पर रोक लगाना जरूरी है जबकि इसके लिए कानून भी बना हुआ है, प्रतिबंध होने के बावजूद भी धड़ल्ले से डमी स्कूल खुल रहे है, शिक्षा का बाजार की चमक दमक दिखा कर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है। टीचर ने डमी स्कूल और कोचिंग संस्थान पर तत्काल रोक लगाने प्रशासन और सरकार से गुहार लगाई है।






