भाटापरा ब्लाक मे कुल 243 स्कुल है, इन स्कुलो मे पढ रहे छात्र -छात्राओ की जिंदगी भगवान भरोसे है। ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि स्कूल जाते और छुट्टी के बाद ये जिन सड़को से होकर गुजरते हैं, वहां भारी यातायात दबाव है और हर वक्त दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

भाटापरा ब्लाक मे कुल 243 स्कुल है, जिसमे 135 शासकीय प्राइमरी स्कुल, 75 मिडिल स्कुल, 11 हाई स्कुल, 22 हायर सेकेंड्री स्कुल है। इन स्कुलो मे पढ रहे छात्र -छात्राओ की सुरक्षा भगवान भरोसे है। ऐसा इस लिए कहा जा रहा है क्योकि स्कूल जाने और छुट्टी के समय यह स्टूडेंट जिन सड़कों से होकर गुजरते हैं, वहां हर यातायात दवाब होता है और सड़क से हर वक्त भारी वाहन गुजरते हैं। भारी वाहनो के बीच से जान हथेली पर रखकर छात्र-छात्राओ को आना जाना पडता है। जब इस संबंध मे जिला उपपुलिस अधिक्षक हेमसागर सिदार से बात की गई तो उन्हो ने कहा कि अपराध नियंत्रण दृष्टीकोण से भाटापारा पुलिस सर्तक मोड पर है। महिलाओं एवं बच्चो पर घटीत होने वाले अपराध को ध्यान मे रखते हुए शहरी एवं ग्रामिण क्षेत्र मे पेट्रोलिंग पाट्री को सर्तक रहने का निर्देश दिया गया है। वही स्कुल खुलने एवं बन्द होने के समाय पेट्रोलिंग पाट्री फिल्ड मे मुमेन्ट मैदानी स्तार पर पर्यावेक्षण किया जा रहा है।

आप को बता दे कि जब हकीकत जानने हमारी टीम ने मैदानी स्तार पर जाॅच की तो सच्चाई कुछ और ही नजर आई, भाटापरा पंचम दिवान स्कुल के छात्राओ की छुट्टी के समय छात्राए अपनी जान हथेली मे रखकर स्कुल से जाती नजर आ रही है। ऐसे में पुलिस के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। जरूरी है कि कम से कम स्कूल लगने और छुट्टी के समय भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई जाए और यातायात को नियंत्रित किया जाए।



