साय कैबिनेट की बैठक में नई शिक्षा नीति 2020 को प्रदेश में पूरी तरह से लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत अब प्रचलित शैक्षणिक संरचना 10+2 के स्थान पर 5 + 3 + 3 + 4 लागू किया गया है। इस नियम के तहत कक्षा पांचवी तक के बच्चों को स्थानीय भाषा और बोली में शिक्षा दी जाएगी। इसके तहत छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ी सहित गोंडी, भतरी, हल्बी, सरगुजिया जैसी भाषा में शिक्षा होगी। नई शिक्षा नीति में प्री प्राइमरी से 12वीं तक के सभी बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने की अनुशंसा भी की गई है। नए सत्र से सभी स्कूल और कॉलेज में नई शिक्षा नीति लागू हो जाएगी, इसके तहत एक समान पाठ्यक्रम संचालित किया जाएगा। शासन ने पाठ्यक्रम को रोजगार परक बनने पर जोर दिया है।


