फर्जी रसीद से किराया वसूलने का मामला, एफआईआर दर्ज होने की खबर लगते ही फरार हुआ कांग्रेसी पार्षद।

वार्ड क्रमांक 50 में मुख्यमंत्री स्वाललंबन योजना के तहत बने दुकानों में निगम की फर्जी रसीद से किराया वसूलने का मामला सुलझ गया है। फर्जी रसीद से खुद वार्ड के कांग्रेसी पार्षद ने उगाही की है। जांच में पुष्टि होने के बाद नगर निगम आयुक्त ने पार्षद के खिलाफ एफआइआर कराने के लिए एसपी को पत्र लिखा है।

फर्जी रसीद देकर दुकानों से किराया वसूलने के मामले में नगर निगम की जांच टीम ने कमिश्नर को रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट के अनुसार वार्ड क्रमांक 50 के कांग्रेसी पार्षद अमित सिंह का नाम आया है। अमित सिंह ने अब तक कितनी राशि वसूली है, यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन जांच रिपोर्ट के बाद नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार ने एफआईआर के लिए एसपी को चिट्ठी लिखी है। इस संबंध में जब पार्षद से फोन पर संपर्क का प्रयास किया गया तो उसका फोन स्विच ऑफ बताया ,वही कार्यालय से भी वे नादरत मिले ,जबकि कार्यालय खुला हुआ था। आसपास के लोगों ने बताया कि एफ आई आर की सूचना के बाद वह फरार हो गया है ,वही भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेसियों की यह शुरू से फितरत रही है, कांग्रेसी पार्षद द्वारा किराया ना पटाना यह निगम निगम के साथ फर्जीवाड़ा है।

बीते दिनों नगर निगम आयुक्त अमित कुमार को शिकायत मिली कि वार्ड क्रमांक 50 में नगर निगम ने मुख्यमंत्री स्वाललंबन योजना के तहत बनी दुकान में किराए के नाम पर अवैध वसूली हो रही है। कोई निगम की रसीद काटकर किराया का पैसा ले रहा है। शिकायत सही मिलने पर दोषी को पकड़ने के लिए नगर निगम आयुक्त अमित कुमार ने निगम के संपदा शाखा के उपायुक्त सती यादव, जोन सात के कमिश्नर अरुण कुमार साहू, सहायक अभियंता सोम शेखर विश्वकर्मा और बाजार शाखा के कार्यालय अधीक्षक राजेश देवांगन को लेकर जांच टीम बनाई और फर्जी रसीद से किराया वसूलने वाले को पकड़ने की जिम्मेदारी दी। इस पर टीम ने जांच शुरू की तो पता चला कि निगम की रसीद से किराया नहीं कटा है। इसके बाद दुकानदारों की रसीद लेकर जांच की गई तो वह फर्जी रसीद निकली। वही यह बात सामने आई कि वार्ड पार्षद अमित कुमार सिंह ने ही दुकान किराया का रसीद काटा है। जांच में भी इसकी पुष्टि हो गई कि पार्षद ने ही फर्जी रसीद से अवैध वसूली की है और निगम को आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। पार्षद द्वारा किए गए फर्जीवाड़ा से किराएदारो में भी नाराजगी है।

अब इस मामले में नगर निगम आयुक्त ने तत्काल इस मामले को पुलिस में देते हुए प्रकरण चलाने के लिए एसपी को पत्र लिखा है। गौरतलब हैं कि वार्ड क्रमांक 50 बैरिस्टर छेदीलाल नगर में प्रथम हॉस्पिटल के आगे बहतराई रोड में निगम की दुकानें है। निगम ने मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत दुकानें बनाई हैं और व्यवसाय के लिए लोगों को आवंटित किया है। यहां निगम के नाम लोगों को आवंटित किया है। यहां निगम के नाम पर फर्जी रसीद से दुकानों से किराया वसूलने का मामला सामने आया था। कमिश्नर ने चार सदस्यीय जांच टीम बनाई थी, जांच टीम ने मामले की जांच कर मंगलवार को जांच रिपोर्ट सौंपी।जांच रिपोर्ट के अनुसार वार्ड क्रमांक 50 बैरिस्टर छेदीलाल नगर के पार्षद अमित सिंह फर्जी रसीद से किराया वसूलता था। यह अपने आप में बिल्कुल अनोखा मामला है। कांग्रेस के शासनकाल में ही इस फर्जी वाड़े की शुरुआत हुई, जहां कांग्रेसी पार्षद ने नगर निगम की संपत्ति को अपनी जागीर मान ली और बाकायदा फर्जी रसीद से किराया भी वसूलने लगा। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वह कब से यह फर्जीवाड़ा कर रहा है और अब तक कितनी राशि वसूल चुका है, लेकिन सच्चाई उजागर होते ही जिस तरह से वह फरार हो गया है, उससे ही समझ में आ रहा है कि आरोप बिल्कुल सही है। बिहार की पृष्ठभूमि से आकर बिलासपुर में राजनीति करने वाले अमित सिंह की छवि दबंग और बाहुबली की है, जिसका उसने भरपूर फायदा उठाया।

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