मानसून के लिहाज से महत्वपूर्ण आषाढ़ यूं ही बीत गया। औसत से बेहद कम बारिश होने से जहां आम लोग परेशान है तो वहीं किसान हताश और निराशा है। जुलाई के 20 दिनों में केवल 6 इंच बारिश हुई है। ऐसा पहली बार हुआ है कि बारिश के मौसम में लोग गर्मी से परेशान है। बारिश के नाम पर केवल हल्की बूंदाबादी हो रही है, जिससे किसानी का काम बुरी तरह से पिछड़ गया है। बारिश न होने से किसान चिंतित है। इस चिंता में समाधान खोजने की कोशिश में हमने कुछ किसान और किसान नेताओं से चर्चा की। जाना कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो सरकार से उनकी क्या अपेक्षाएं होंगे। क्योंकि छत्तीसगढ़ का किसान पूरी तरह से मानसून की बारिश पर निर्भर है। यहां सिंचाई के साधन नाम मात्र को है, इसलिए अगर जल्द ही अच्छी बारिश ना हुई तो फिर राहत पैकेज की घोषणा करनी पड़ सकती है।



