आये दिन मवेशियों की वजह से सड़क हादसे की घटना सामने आती है, इसके बावजूद भी पशुपालक और निगम इन पर कोई कार्यवाही नहीं करती, दिखावे के लिए एक दो गायों को पकड़कर कांजी हाउस ले जाती है। उसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। बारिश में यह स्थिति और चिंताजनक हो जाती है। आप देख सकते हैं कि तोरवा पुल, सरकंडा पुल, अशोक नगर, सहित मुख्य मार्गों पर मवेशी घूमते नजर आते हैं, वहीं सड़कों के बीच बैठ जाते हैं। जिससे यातायात बाधित तो होता ही है कई बार हादसे भी हो जाते हैं।

निगम की लापरवाही के चलते मवेशी सड़कों पर नजर आते हैं। जिससे हादसे हो रहे हैं, खासकर हाईवे पर सबसे ज्यादा मवेशी वाहन की चपेट में आ जाते हैं, हाई कोर्ट की सख्ती के बाद भी निगम और ट्रैफिक विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है, कई बार मवेशियों को बचाने के चक्कर में वाहन चालक भी दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। समाज सेवकों का कहना है कि लगातार कार्यवाही करते हुए मवेशियों को कांजी हाउस या गोठान में शिफ्ट करना चाहिए, साथ ही मवेशी पालकों पर भी सख्त कार्यवाही होनी चाहिए, जो मवेशी का उपयोग कर उन्हें खुले में विचरण करने छोड़ देते हैं।




