अंचल के सबसे महत्वपूर्ण पर्यटन केंद्र खूंटा घाट बांध का उलट इस रविवार से चलने लगा। ऐसा वर्षों बाद हुआ है जब जुलाई महीने से ही वेस्ट वियर आरंभ हो गया। रविवार होने की वजह से पहले ही दिन बड़ी संख्या में लोग इसे देखने पहुंचे।

इस साल अच्छी बारिश नहीं हो रही थी लेकिन शुक्रवार और शनिवार को हुई तेज बारिश के चलते अंचल के सबसे बड़े बांधों में से एक और पर्यटन केंद्र खुटाघाट के वेस्ट वियर का पानी रविवार दोपहर बाद से छलकने लगा। ऐसा शायद बरसों बाद हुआ है जब जुलाई महीने में ही खुटाघाट बांध का पानी छलकने लगा हो, वह भी तब जब इसी बांध के पानी को मिशन अमृत योजना के तहत बिलासपुर में पेयजल के तौर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। आपको बता दे कि इस बांध से करीब 1.15 एकड़ क्षेत्र में सिंचाई होती है । साथ ही इस पानी का इस्तेमाल बिलासपुर की प्यास बुझाने में भी किया जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों से लगातार बांध लबालब भर रहा है। इस बार भी लोगों को इसकी प्रतीक्षा थी। रविवार सुबह से ही पानी हल्का-हल्का रिस रहा था। दोपहर होते होते वेस्ट बियर आरंभ हो गया, जिसके बाद बांध से छलकने वाला पानी किसी झरने की तरह नजर आने लगा।

इसे देखने बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचने लगे हैं, क्योंकि वेस्टवेयर का झरना पर्यटकों के लिए हमेशा से ही आकर्षण का केंद्र रहा है। लोगों को इसकी प्रतीक्षा वर्ष भर रहती है, लोग दूर-दूर से खूंटा घाट बांध का उलट देखने पहुंचते हैं । कभी-कभी यह नजारा अगस्त और सितंबर माह में नजर आता है लेकिन इस वर्ष दो दिन हुई अच्छी बारिश से ही जुलाई महीने में ही नजर आने लगा। हालांकि कुछ वर्ष पहले इस वेस्टवेयर में एक एक युवक के फंस जाने के बाद से प्रशासन इस उलट के करीब जाने से लोगों को रोकता है। लोगों को दूर से ही इसके नजारे लेने के निर्देश है। इसके बावजूद कुछ अति उत्साही लोग इस उलट के करीब जाने का प्रयास करते हैं। इसलिए इस वेस्टवेयर के आरंभ होते ही यहां अतिरिक्त सुरक्षा की भी आवश्यकता महसूस होने लगी है।



