सावन के दूसरे सोमवार पर भी शिव भक्तों का उत्साह नजर आ रहा है। सुबह से ही अंचल के सभी शिवालयों में घंटे घड़ियाल की गूंज सुनाई पड़ रही है। शिव भक्त थाल सजाकर मंदिरों में पहुंच रहे हैं और भोले भंडारी की पूजा उपासना कर उनका अभिषेक किया जा रहा है। मान्यता है कि सावन मास में भोलेनाथ की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। साथ ही जीवन में सुख समृद्धि बनी रहती है।



मान्यता यह भी है कि भगवान शिव को पाने के लिए माता पार्वती ने कठोर तपस्या की थी और सावन महीने में ही भगवान शिव ने उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार करने का वरदान दिया था। इस बार सावन महीने में पांच सोमवार पड़ रहे हैं । दूसरे सोमवार को भी अंचल के सभी शिव मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ नजर आ रही है। शिव भक्त मंदिर में पहुंचकर भगवान शिव को प्रिय बेलपत्र धतूरा आक, पुष्प अक्षत पंचामृत दूध दही शहद अर्पित कर उनका जलाभिषेक कर रहे हैं, तो वही कुंवारी कन्या 16 सोमवार का व्रत कर रही है।



