बाघों के संरक्षण और उनकी विलुप्त होती प्रजातियों को बचाने के उद्देश्य से दुनियाभर में 29 जुलाई दिन अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस 2024 को मनाया जाता है। जैसे हमारे देश में हरियाली और वन की आवश्यकता होती है। उतना ही वन्य जीवों का होना जरूरी है।कानन पेंडारी जू में भी हर साल बाघो के संरक्षण के लिए बाघ दिवस मनाया जाता है। इसी कड़ी में इस सफेद बाघ के केज के सामने सेमिनार, चित्रकला समेत कई आयोजन किये गए।

इसके माध्यम से ज्यादा से ज्यादा लोगों को बाघों के बारे में जानकारी दी गई और उनके संरक्षण के लिए जागरूक किया जाता है। इसी के साथ खुशखबरी यह भी है कि अचानकमार में बाघों की संख्या बढ़ गयी है पहले यहां बाघों की संख्या 5 थी जो अब बढ़कर 3 मेल और 7 फीमेल यानी कि 10 हो गयी है। इसके अलावा एटीआर प्रबंधन द्वारा क्षेत्र के गांवो के बीच मनियारी नदी में बाढ़ के स्थिति के मद्देनजर ग्राम कटामी और बम्हनी के बीच नाव को स्थापित किया गया।



एटीआर प्रबंधन पूर्व वर्ष में भी आपात स्थिति को ध्यान में रखकर नाव उपलब्ध कराई गई थी। बता दे कि बरसात के दिनों में एटीआर क्षेत्र के कई गांव पहुंच विहीन हो जाते है, जिससे लोगो के आवागमन और वन्य प्राणी की सुरक्षा के लिए पेट्रोलिंग में कार्य में भी बाधा होती है। नाव स्थापित होने से आपात स्थिति में नदी पार करने में आसानी होगी। नाव के संचालन के लिए पैदल गार्डों और कुछ ग्रामीणों को प्रशिक्षित भी किया जा रहा है।



