चक्रधरपुर रेल मंडल अंतर्गत हुए रेल हादसे का बुरा असर एसईसीआर बिलासपुर जोन पर भी पड़ा है। शायद यही वजह है कि रेल प्रशासन ने जहां 17 ट्रेनों को रद्द कर दिया है तो वहीं 17 ट्रेनों के मार्ग में डायवर्सन भी किया है। दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन में एसईसीआर के 62 से अधिक यात्री सवार थे। सभी यात्रियों को दूसरे ट्रेन से उनके गंतव्य तक भेजा जा रहा है।



रेल प्रशासन से लेकर केंद्र सरकार के लाखों दावे फेलियर साबित हो रही है। दरअसल यात्रियों की सुविधाओं में विस्तार करने वाला रेल प्रशासन लगातार हो रहे रेल हादसों पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रहा है। एक के बाद एक मालगाड़ी हादसों के साथ यात्री ट्रेनों के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबरें मिल रही है। मंगलवार की सुबह रेल प्रशासन से लेकर केंद्रीय मंत्रालय तक में, उस समय हड़कंप मच गया। जब पता चला कि चक्रधर रेल मंडल अंतर्गत बड़ा बाम्बो स्टेशन के पास हावड़ा मुंबई मेल मालगाड़ी से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। इस हादसे में मुंबई मेल के तकरीबन 18 बोगिया डिरेल हो गई। जिसमें तीन की मौत होने के साथ दो दर्जन से अधिक यात्रियों की घायल होने की भी सूचना है। बताया जा रहा है कि चक्रधरपुर रेल मंडल के बड़ा बाम्बो स्टेशन के मध्य एक मालगाड़ी डिरेल हुई थी। दूसरे ट्रेक पर मंगलवार की तड़के तेजी से आ रही हावड़ा मुम्बई मेल भी मालगाड़ी के अवशेषों से टकराते हुए बुरी तरह दुर्घटनाग्रस्त हो गयी। दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद ट्रेन में चीख-पुकार मच गई। जिस वक्त हादसा हुआ उस वक्त ज्यादातर यात्री सोए हुए थे। तेज रफ्तार ट्रेन के अचानक पलट जाने से अधिकतर यात्री बर्थ से गिर पड़े और चीख पुकार मच गई। नींद इस तरह अचानक टूटने से किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था। दुर्घटना में दो यात्रियों की मौत होने की खबर है जबकि दो दर्जन से अधिक यात्रियों के जख्मी होने की जानकारी मिल रही है। हादसे के बाद लोग एसी बोगी का कोच तोड़कर बाहर निकलने लगे, जबकि ज्यादातर यात्री धीरे-धीरे ट्रेन के दरवाजा से बाहर निकले। अंधरा होने के कारण यात्रियों को कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। बोगियों से निकलने के बाद ज्यादातर यात्री घटना स्थल के आसपास जमा होने लगे। इस तरह घटना के तकरीबन 45 मिनट बाद रेल प्रशासन, पुलिस प्रशासन और सीआरपीएफ के जवान पहुंचे और मदद पहुंचाना शुरू किया।इसी के साथ रेल प्रशासन के अधिकारियों के साथ टीम भी मौके पर डटकर राहत एवं बचाव कार्य करती रही जो अब भी जारी है। इस हादसे के चलते हावड़ा मुम्बई रुट की 17 यात्री ट्रेनों को रद्द किया गया है जबकि 17 ट्रेनों के मार्ग को बदला गया है।सभी ट्रेनें बिलासपुर तो पहुंचेगी लेकिन 12 से 15 घण्टे लेट पहुंचेगी। जानकारी मिली कि दुर्घटनाग्रस्त हावड़ा मुम्बई मेल में एसईसीआर बिलासपुर, शक्ति, रायगढ़, चाम्पा, भिलाई, खरसिया के 62 से अधिक यात्री सवार थे। अगर बात की जाए बिलासपुर की तो मेल में 29 यात्री हावड़ा और टाटा नगर से बिलासपुर के लिए सफर कर रहे थे।



हावड़ा मुम्बई मेल के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने के चलते इसका असर बिलासपुर में बुरी तरह से पड़ा। दरअसल जिन ट्रेनों को डायवर्ट किया गया था उन ट्रेनों की राह देख रहे यात्रियों को अपने ट्रेन के इन्तेजार में बिलासपुर रेलवे स्टेशन में बेवजह घण्टों बिताने पड़े। अनूपपुर से पहुंचे महेंद्र उपाध्याय ने बताया कि उनके बेटे का नेवी में सेलेक्शन हुआ है। इसके लिए वे आजाद हिंद से पुणे जा रहे है क्योंकि 1 अगस्त को उनके बेटे का पुणे में रिपोर्टिंग टाइम है। ऐसे में उन्हें जिस आजाद हिंद सुपर फास्ट से पुणे जाना है वो ट्रेन हादसे के चलते घण्टों लेट है। बताया जा रहा है कि उसके मार्ग में परिवर्तन किया गया है। ऐसे में उन्हें सही जानकारी देने वाला रेलवे स्टेशन में कोई नही है।



रेल हादसे के बाद घटनास्थल के आसपास के स्टेशनों सहित बिलासपुर रेलवे स्टेशन में भी हेल्प डेस्क स्थापित किया गया।इसके जरिये आम जन या फिर रेल यात्री ट्रेनों के सम्बंध में हेल्प डेस्क से जानकारी ले सकते है। जानकारी यह भी मिल रही है कि बिलासपुर स्टेशन में स्थापित हेल्प डेस्क में सुबह से शाम तक दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन हावड़ा मुम्बई मेल में सवार यात्रियों के परिचित वाले भी यात्रियों के सम्बंध में जानकारी लेने पहुंच रहे है। हालांकि उनमें अधिकांश को किसी तरह की कोई जानकारी नही मिल पा रही है। ऐसे में रेलवे के अधिकारी कर्मचारी यात्रियों के परिचितों से धैर्य रखने की भी अपील कर रहे है। फिलहाल जानकारी मिल रही है कि दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन मुम्बई मेल में सवार यात्रियों को रेल प्रशासन द्वारा दूसरे ट्रेन में उनके गंतव्य तक भेजने की तैयारी भी की जा रही है।


