जहां एक ओर सब्जी आसमान के दाम छू रहे हैं जिसे लेकर गृहणियों में काफी रोष है तो वही मशरूम को लेकर मांग बनी हुई है। ये 1200 से लेकर ₹1500 किलो बिक रहे। केवल बारिश के दौरान ही जमीन से निकलने वाला यह सब्जी प्रोटीन से भरपूर होता है और इसका टेस्ट भी अलग होता है। इसलिए इसकी बिक्री बनी हुई है। प्रमुख बाजारों के अलावा कलेक्ट्रेट के आसपास बड़ी संख्या में बेलगहना, अमरकंटक, अचानकमार से व्यापारी पुटू बेचने आ रहे हैं, पैरा पुटू, गोल, सरई और पिहरी पुटु में से सबसे ज्यादा मांग पिहरी की होती है. नॉनवेज की तरह इसकी सब्जी बनती है।


पोषक तत्व से भरपूर होने और स्वादिष्ट होने के कारण इसकी मांग हर साल बनी रहती है, 300 से ढाई सौ रुपए पाव में बिकने वाले मशरूम के व्यापारी बताते हैं कि रोजाना 20 से 25 किलो पुटु बेच लेते हैं, बिक्री से उत्साहित दुकानदार रोजाना दूर क्षेत्र से खरीद कर तीनो प्रकार के पुटु यहां लाते हैं और इन्हें हाथों-हाथ बेच दिया जाता है। ग्रामीणों के अनुसार कुछ प्रकार के पुटु जहरीले होते हैं उसे खाने से जान भी चली जाती है, इसलिए हर प्रकार के पुटु का सेवन नहीं करना चाहिए।





