इलेक्ट्रिक थोक विक्रेता की लापरवाही से लिफ्ट में हुए बाल श्रमिक के मौत के मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया है। वहीं इस मामले में श्रम विभाग एवं नगर निगम ने भी संज्ञान लेकर कार्यवाही करने की बात कही है।


बुधवार के दिन थाना सिटी कोतवाली क्षेत्र के जूना बिलासपुर स्थित विशाल इलेक्ट्रिक शॉप के ओपन लिफ्ट में एक किशोर का सिर फस जाने की वजह से उसकी मौत हो गई थी। मौके से पुलिस ने इस मामले में मर्ग पोस्टमार्टम कार्यवाही कर मामले को जांच में लिया था। उसके बाद इस मामले को पुनः गंभीरता पूर्वक लेते हुए बिलासपुर पुलिस ने दुकान संचालक को मौत का जिम्मेदार मानकर उसके खिलाफ धारा 304 ए के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया था। आपको बता दे की इलेक्ट्रॉनिक शॉप संचालक विशाल हरियानी के द्वारा ना केवल यहां पर बाल श्रमिकों से कार्य कराया जा रहा था बल्कि चोरी छुपे अवैध तरीके से लिफ्ट चलाया जा रहा था। उसको लेकर नगर निगम श्रम विभाग ने भी मामले को संज्ञान में लिया है।

इस तरह के हादसों का जिम्मेदार भी नगर निगम ही है। इस विशाल इलेक्ट्रिक जैसे अन्य कमर्शियल बिल्डिंग या फिर भवनों का नक्शा नगर निगम के द्वारा केवल प्राइवेट इंजीनियरों के रिपोर्ट पर ही पास कर दिया जाता है। इतना ही नहीं नगर निगम के द्वारा ऐसे कमर्शियल कॉम्प्लेक्स पर लगाए गए कमर्शियल या फिर घरेलू लिफ्ट सहित अन्य उपकरणों की जांच तक नहीं की जाती। क्योंकि जिस तरह से विशाल इलेक्ट्रिक में ओपन लिफ्ट में सिर फंसने से एक किशोर की मौत हुई उस तरह से ओपन लिफ्ट लगाने की अनुमति नहीं दी जाती है। इसलिए इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम ने भी मामले में संज्ञान लिया है और वैधानिक कार्यवाही की बात कही है।





