बांग्लादेश में हिंदुओं के नरसंहार और इस पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की खामोशी को लेकर अब विरोध के स्वर उठने लगे हैं। इसी मुद्दे पर वंदे मातरम मित्र मंडल ने भी विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन दिया है।

बांग्लादेश में बहाना तो आरक्षण को लागू करने और हटाने और फिर शेख हसीना की सरकार को बर्खास्त करने का रहा हो लेकिन इसका असली उद्देश्य बांग्लादेश को हिंदू मुक्त करना नजर आ रहा है। कभी बांग्लादेश में 27 प्रतिशत हिंदू हुआ करते थे और हिंदुस्तान की मदद से ही पाकिस्तान के सितम से बांग्लादेशियों को मुक्ति मिली लेकिन आज एक बार फिर से बांग्लादेशियों की जिहादी मानसिकता सामने आई है , जहां प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से हटाने के बाद भी पूरे देश में अराजकता नजर आ रही है। खासकर इसके बाद से वहां रहने वाले हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है। उनके मंदिर और धार्मिक केंद्र जलाये जा रहे हैं। महिलाओं के साथ बर्बर तरीके से बलात्कार किया जा रहा है। हिंदुओं का कत्लेआम जमकर हो रहा है, लेकिन भारत सहित अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने जैसे इन सबसे आंखे फेर लिया हैं लेकिन इसे लेकर अब हिंदूवादी संगठन भी सरकार की आंख खोलने का प्रयास कर रहे हैं।

शुक्रवार को वंदे मातरम मित्र मंडल द्वारा विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री के नाम पत्र लिखा गया, जिसमें कहा गया कि पिछले 1 महीने से पड़ोसी देश बांग्लादेश में कट्टरपंथी विपक्षी पार्टी जमात ए इस्लामी और बीएनपी द्वारा उग्र और हिंसक प्रदर्शन किया जा रहा है। सरकार के तख्तापलट के बाद भी यह हिंसा रुकी नहीं है और अब सोची समझी रणनीति के तहत वहां रहने वाले हिंदूओ और अल्पसंख्यक को निशाना बनाया जा रहा है। निर्दोष हिंदुओं का व्यापक नरसंहार हो रहा है। बहू बेटियों के साथ अनाचार के साथ उनके घर दुकान और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को लूटा जा रहा है। हिंदू देवी देवताओं को अपमानित करने और मंदिरों को जलाने की घटनाएं तो आम है। इस तरह की घटनाओं के वीडियो भी सोशल मीडिया पर है जो रोंगटे खड़े करने वाले हैं। उसके बावजूद न तो भारत सरकार इस पर कोई कदम उठा रही है और ना ही यूनाइटेड नेशन या कोई अंतरराष्ट्रीय संगठन ही इस ओर देख रहा है। इसे तुष्टीकरण बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उम्मीद जताई गई है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार से उनकी रक्षा करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहुत बड़ा अंतरराष्ट्रीय नेता और कूटनीतिज्ञ माना जाता है। दावा किया जाता है कि वे युद्ध रोकने में सक्षम है लेकिन अपने ही अदने से पड़ोसी देश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार को लेकर उनकी खामोशी उनकी छवि को धूमिल कर रही है, इसलिए वंदे मातरम मित्र मंडल ने पत्र लिखकर उन्हें जगाने का प्रयास किया है और कहा है कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को रोकने तत्काल कूटनीतिज्ञ और राजनीतिक कदम उठाए। वहां से भारत में शरण लेने की इच्छा रखने वाले हिंदुओं को तत्काल भारत लाने का प्रबंध करें और उनके पूर्वनवास के लिए भी समुचित प्रयत्न किया जाए। उन्होंने कहा कि सीएए का व्यवहारिक इस्तेमाल करने का इससे अच्छा समय और कुछ नहीं हो सकता। साथ ही उन्होंने ऐसे उद्दंड देश को सबक सिखाने का भी आग्रह किया है।




