सत्ता से बाहर होते ही याद आई गौ माता, कांग्रेसियों ने किया प्रदेश स्तरीय गौ सत्याग्रह।

प्रदेश में कथित तौर पर गायों की दुर्दशा को लेकर प्रदेश सरकार को घेरने के इरादे से कांग्रेसियों ने गौ सत्याग्रह किया। हालांकि पत्रकारों के सवालों से कांग्रेसी खुद घिरते नजर आए।

7 नवंबर 1966 का दिन सबको याद है। गोपाष्टमी के दिन गौ वध निषेध हेतु कानून बनाने की मांग को लेकर सैकड़ो संत गायों के साथ संसद भवन का घेराव करने जा रहे कि तभी इंदिरा गांधी के आदेश पर साधु संतों और हजारों गायों को भून दिया गया। केरल के वायनाड में यूथ कांग्रेस नेता ने सरेआम गाय को काटकर बीफ पार्टी मनाई। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के शासनकाल में गौठान में दुर्दशा के चलते सैकड़ो गायों की मौत हो गई लेकिन दिलचस्प बात यह है कि अब विपक्ष में रहने के दौरान खुद कांग्रेसी भाजपा सरकार को गायों का दुश्मन बताकर इसे राजनीतिक मुद्दा बनाना चाह रही है। इसी मुद्दे पर शुक्रवार को कांग्रेसियों ने प्रदेश स्तरीय गौ सत्याग्रह किया। ब्लॉक स्तर पर कांग्रेसियों ने भाजपा को गायों की मौत के लिए दोषी ठहराते हुए विरोध दर्ज कराया। वे बड़ी संख्या में कांग्रेस भवन में एकत्रित हुए फिर सरकार के विरुद्ध नारे लगाते हुए नेहरू चौक पहुंच कर सत्याग्रह किया।

शहर अध्यक्ष विजय पांडेय ने कहा कि भाजपा गाय और गंगा को राजनीतिक हथियार के रूप में चुनावी मुद्दा बनाती है पर वास्तव में गाय और गाय वंशीय पशुओ के संरक्षण के लिए कोई प्रभावी कदम नही उठाती है, छत्तीसगढ़ में भूपेश सरकार ने गोधन योजना को ग्रामीण आर्थिक विकास से जोड़कर गाय को संरक्षित और संवर्धन करने की अनुपम योजना को लागू किया, जिससे ग्रामीण लोग गोबर बेचकर नगद पैसा पा रहे थे वही गोबर से पेंट्स, दीपक, कंडे को लकड़ी, बिजली उत्पादन जैसे बहुउद्देश्यी कार्यक्रम था, जिसका राष्ट्रीय स्तर पर प्रसंशा होने लगी, अनेक प्रदेश के अधिकारी योजनाओ को एडॉप्ट कर रहे थे।

इस मौके पर विधायक अटल श्रीवास्तव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सत्ता परिवर्तन होते ही गोधन जैसी लाभकारी योजना को दुर्भावना वश बन्द कर दिया गया, जिसका दुष्परिणाम जन-धन की हानि के रूप दिखाई पड़ रही है, सड़को पर गाय एवं अन्य पशु लावारिश हालात में घूम रहे है, बैठे रहते है जिससे बड़ी बड़ी दुर्घटनाएं हो रही है, एक्सीडेंट से गाय और अन्य जानवर मारे जा रहे है ,वही इंसान भी कालकलवित हो रहे है, अटल श्रीवास्तव ने कहा कि एक्सीडेंट में लगातार जन-धन की हानि हो रही है पर साय सरकार गोधन को लेकर गम्भीर नही दिखती, पशुओ से खड़ी फसल को नुकसान होता है जिससे किसानों को भी हानि होती है, साय सरकार समय रहते गोधन के बचाव के लिए कोई कारगर योजना क्रियान्वित नही करेगी तो कांग्रेस बड़ा आंदोलन करेगी। पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार में गौठान योजना गायों को पूर्ण सुरक्षा प्रदान कर रही थी हालांकि इसकी हकीकत सभी जानते हैं। गायों की आज जैसी दुर्दशा है वैसे ही हालत कांग्रेस के शासनकाल में भी थे।

जब कांग्रेस नेता विजय पांडे से वायानाड की घटना का जिक्र किया गया तो वे गोल-माल जवाब देते हुए भाजपा पर ही आरोप लगाने लगे। यानी अपने ही पार्टी लाइन पर कांग्रेसियों को जवाब देते नहीं बनता है। खैर, सत्याग्रह कार्यक्रम में पार्षद स्वर्णा शुक्ला तो गाय लेकर ही आ गई थी, जिसे लेकर कांग्रेसजन एसडीएम आफिस गए लेकिन पुलिस की चाक चौबंद व्यवस्था की वजह से वे अपने इरादे में कामयाब नहीं हो पाए। मौलिक रूप से अल्पसंख्यक हितैषी कांग्रेस का गौ प्रेम हैरान करने वाला है। शायद मुद्दों की तलाश में जब कांग्रेस को कोई मुद्दा नहीं मिला तो उन्होंने गौ माता पर ही दांव खेला है लेकिन करपात्री महाराज जी का श्राप शायद कांग्रेसी भूल गए।

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