केंद्रीय जेल प्रशासन की ओर से इस रक्षाबंधन अनूठी पहल करते हुए पुरुष एवं महिलाओं को एक एक पौधा उपहार के रूप में दिया गया। पूरे छत्तीसगढ़ में यह पहल केवल केंद्रीय जेल बिलासपुर की ओर से की गई है। जिसकी चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है।

भाई एवं बहन का विशेष पर्व रक्षाबंधन को और ज्यादा खास बनाते हुए केंद्रीय जेल बिलासपुर की ओर से विशेष पहल की गई है।दरअसल यहां पहली बार भाइयों एवं बहनों को उपहार के रूप में केंद्रीय जेल बिलासपुर की ओर से एक-एक पौधा भेंट किया जा रहा है। इस संबंध में जानकारी देते हुए जेल के अधीक्षक खोमेश मंडावी ने बताया कि केंद्र शासन एवं राज्य शासन की ओर से एक पेड़ मां के नाम की योजना चलाई जा रही है।

इसके मद्दे नजर ही जेल प्रशासन ने भी केंद्र एवं राज्य शासन की ओर से चलाई जा रही योजना को फॉलो करते हुए एवं वन विभाग के सहयोग से जेल पहुंचने वाले महिला एवं पुरुषों को उपहार के रूप में एक-एक पौधा दिया जा रहा है। केंद्रीय जेल के अधीक्षक ने अचानक इसकी योजना बनाई। इससे अपने उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया। जिसके बाद तत्काल इस योजना को प्रमुखता से लागू किया गया।अधीक्षक ने कहा कि इतने ज्यादा मात्रा में पौधों का अगर प्रबंध हो पाया है तो ये सब वन विभाग के सहयोग से सम्भव हो पाया है।

केंद्रीय जेल प्रशासन बिलासपुर की ओर से उपहार के रूप में जिस तरह से पौधे भेंट किये जा रही है, इसकी चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है। वैसे भी यहां जेल के चार दिवारी के पीछे सजा काट रहे महिला बंदी या पुरुष बंदी रक्षाबंधन के दौरान रक्षासूत्र बंधवाकर अपनी बहनों को किसी तरह का कोई उपहार नही दे सकते। इसलिए कोई भी बहन या भाई केंद्रीय जेल से खाली हाथ ना लौटे इसलिए खास पहल की गई है।


