केंद्रीय जेल बिलासपुर में फिर एक बार राखी का त्योहार पूरे धूमधाम से मनाया गया। जेल प्रशासन ने कोरोना महामारी के दौरान बंद की गई राखी की परंपरा को पुनः चार साल बाद इस साल शुरू किया। इसका निर्णय प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद लिया गया। रक्षाबंधन पर्व के दौरान पुरुष बंदियों के अलावा केंद्रीय जेल में महिला बंदियों के लिए भी जेल प्रशासन ने कई खास इंतजाम किए।

जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी ने बताया कि केंद्रीय जेल में बन्द तकरीबन 45 महिला बंदियों को उनके भाइयों को रक्षासूत्र बांधने अनुमति दी गयी है। इसके अनुसार महिला बन्दी के भाई भी निर्धारित समय अवधि के अनुसार महिला बन्दी गृह में राखी बंधवाते नजर आए। महिला बन्दी गृह में भी बन्दी महिलाओं के भाइयों को पेड़े,फल, लड्डू और राखी लाने की ही अनुमति दी गयी थी।जिसके अनुरूप सभी पुरुषों की बारीकी से जांच कर उन्हें अंदर प्रवेश दिया गया।

इस दौरान जी न्यूज से बातचीत करते हुए महिला बंदियों के भाइयों ने बताया कि किसी और की सजा को उनकी बहन भुगत रही है।इसी तरह कुछ भाइयों ने कहा कि लंबे समय बाद अपनी बहन के पास बैठकर राखी बंधवाने का अवसर प्राप्त हुआ। इसका इन्तेजार वे लंबे समय से कर रहे थे। सभी भाइयों ने अपनी बहनों को वचन देने के साथ उनकी जल्द से जल्द रिहाई की ईश्वर से प्रार्थना की।



