रक्षाबंधन पर जहां बहनों ने भाइयों को राखी बांधी तो वहीं पर्यावरण प्रेमियों ने पेड़ों को राखी बांधकर उनकी रक्षा का संकल्प लिया। इस तरह की अनोखी राखी पिछले दो दशक से भी अधिक समय से बिलासपुर में मनाई जा रही है।

पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने वाले पेड़ सभी जीव जगत की रक्षा करते हैं। इसलिए उनकी भी रक्षा जरूरी है। इसी भावना के साथ हर वर्ष रक्षाबंधन पर पेड़ों को राखी बांधकर उनकी रक्षा करने का संकल्प पर्यावरण प्रेमी लेते हैं। पेड़ों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए अरपा अर्पण महाअभियान द्वारा प्रकृति वंदन मिशन के तहत पेड़ों को राखी बांधकर उनके संरक्षण संवर्धन की शपथ लेते हुए पर्यावरण के प्रति लोगों में जागरूकता के लिए प्रयास किया जा रहा है।

प्रति वर्ष की तरह इस बार भी रक्षा बंधन पर्व पर सोमवार को समिति के सदस्यों ने छठ घाट से लेकर साइंस कॉलेज रोड तक पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधा और लोगों को संदेश दिया कि पर्यावरण और मानव का घनिष्ठ संबंध है, दोनों के तालमेल से ही प्रकृति का संतुलन बना रहता है, इसलिए पेड़ों की रक्षा हम सब का दायित्व है। समिति के अध्यक्ष श्याम मोहन ने बताया कि पूरे देश में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधे लगाये जा रहे है।

उन्होंने कहा कि केवल पेड़ लगाना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि उनकी सुरक्षा का जिम्मा उठाना भी जरूरी है। किसी भी पेड़ के संरक्षण के लिए कम से कम 1 साल तक उसकी सुरक्षा आवश्यक है। जिस प्रकार नन्हे बच्चे का पालन पोषण किया जाता है उसी प्रकार पेड़ पौधों को खाद्य पानी देकर साल भर तक देखभाल जरूरी है। उन्होंने इसे प्रकृति वंदन का नाम दिया है और लोगों से भी अपील किया है कि पेड़ों की सुरक्षा करने में समिति का सहयोग करे।

रक्षाबंधन के पावन अवसर पर अलग-अलग संगठनों ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में छोटे-बड़े पेड़ों को रक्षा सूत्र के रूप में विशाल काय राखियां बांधकर उनकी रक्षा का संकल्प लिया।




