मां की ममता उस समय कलंकित हो गई जब एक माँ ने स्वयं नवजात के पैदा होते ही उसे झाड़ियों के बीच फेंक दिया। हालांकि एक राहगीर की नजर झाड़ियों में कपड़े से लिपटे रो रहे नवजात पर पड़ी।बच्चे की हालत खराब होने पर लोगों ने तत्काल एम्बुलेंस के माध्यम से उसे अस्पताल भेज दिया। मस्तूरी क्षेत्र के रिस्दा स्थित पेट्रोल पंप के पास कुछ लोगों ने झाड़ियों के बीच बच्चे के रोने की आवाज सुनी। लोगों ने वहां पर जाकर देखा, तो झाड़ियों के बीच कपड़ों में लिपटा नवजात था। आसपास के लोगों ने तत्काल इसकी सूचना डायल 112 पर दी।

इस पर पुलिस की टीम वहां पर पहुंच गई। नवजात के मिलने की जानकारी मस्तूरी थाने में भी दी गई। इस पर पुलिस की टीम ने आसपास के लोगों से नवजात के संबंध में जानकारी जुटानी शुरू कर दी। डायल 112 की टीम ने नवजात को मस्तूरी स्थित अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद नवजात को सिम्स रेफर कर दिया। बताया जाता है कि नवजात की स्थिति सामान्य है। बेहतर देखभाल के लिए उसे अस्पताल में ही रखा गया है। मुमकिन है कि किसी ने नाजायज रिश्तों से उत्पन्न इस अवैध संतान को लोकलाज के लिए इस तरह से त्याग दिया होगा।


