शहर में बढ़ते अपराधों पर पुलिस का जरा सा भी नियंत्रण नही है। शहर में हर एक आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के हौसले बुलंद है। जो पुलिस से बेखौफ होकर सिलसिलेवार आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे है। इसके पीछे प्रमुख कारण नशे को भी माना जा रहा है।

बिलासपुर में पुलिसिंग व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। शायद यही वजह है कि शहर में सिलसिले वार अपराधिक घटनाओं पर पुलिस लगाम नहीं लगा पा रही है। शहर और शहर से लगे आसपास के क्षेत्र में आए दिन चाकू बाजी, हाफ मर्डर,मर्डर रेप, गैंग रेप जैसी घटनाएं तो मानो आम हो गई है। इतना ही नहीं अब तो शहर में लूटपाट उठाई गिरी और चोरी की घटनाएं भी सिलसिले वार होने लगी है।

एक तरफ पुलिस के उच्च अधिकारी हैं जो रात्रि गस्त, पैदल भ्रमण, वाहनों में पेट्रोलिंग सहित अन्य में इजाफा की बात कर रहे हैं और दूसरी ओर बढ़ते अपराधों के ग्राफ पर नजर डाला जाए तो शहर और शहर से लगे आसपास के क्षेत्र में पुलिस की पुलिसिंग व्यवस्था पूरी तरह से शून्य नजर आ रही है। अधिकांश वारदात तो लोग नशे के आगोश में समा कर ही अपराधों को कारित कर रहे हैं। मर्डर हाफ, मर्डर और चाकू बाजी जैसी घटनाएं रोजाना अपराधिक प्रवृत्ति के लोग नशे के झोंक में ही कर रहे हैं। हालांकि इस संबंध में जब पुलिस के उच्च अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि बिलासपुर पुलिस की ओर से गुंडे बदमाश अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के साथ नशे का अवैध कारोबार करने वाले लोगों और सौदागरों के विरुद्ध भी लगातार कार्रवाई की जा रही है।

बहरहाल बिलासपुर शहर में जिस तरह से आपराधिक मामलों में इजाफा हुआ है उससे पूरा शहर सहमा हुआ है। रात के अंधेरे में तो दूर दिन के उजाले में भी लोग खुले में घूमने से खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। समझ से परे यह है कि शहर में अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के हौसले बुलंद हो गए हैं या फिर पुलिस अपना काम ठीक से नहीं कर पा रही है। जबकि बिलासपुर पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह का हर तरह के अपराधों पर लगाम लगाने सख्त हिदायत है। बावजूद इसके शहर में बढ़ते अपराध समझ से परे है।




