छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की ओर से राज्य सरकार के वादा खिलाफी के खिलाफ बिलासपुर में अंतिम संभाग स्तरीय बैठक आयोजित की गई।जल संसाधन विभाग के सभागृह में आयोजित संभाग स्तरीय बैठक के दौरान पदाधिकारियों ने कहा कि उनका संगठन 112 संगठनों का प्रतिनिधित्व करता है।संगठन के लोग अपनी जायज मांग के लिए लम्बे समय से लड़ाई लड़ रहे है।जो आजतक लंबित है।यही वजह है कि बीजेपी की सरकार बनने के बाद इनका यह पहला आंदोलन है। संगठन के पदाधिकारी ने चार चरणों में आंदोलन करने की रणनीति तैयार की है।
तीन चरणों का आंदोलन पूरा हो चुका है, बावजूद इसके इनकी मांगे पूरी नहीं हो सकी है यही वजह है कि अब आगामी 27 सितंबर को यह प्रदेश स्तर पर सभी कार्यालयों स्कूल कॉलेजों को बंद कर राज्य सरकार के खिलाफ उग्र आंदोलन करेंगे। उनकी मांग है कि इन्हें अन्य राज्यों की तरह डीए दिया जाएं।लोकसभा चुनाव के पूर्व भी केंद्र सरकार ने वादा किया था कि सभी राज्य के समस्त कर्मचारियों को एक समान डीए दी जाएगी बावजूद इसके मांगे लंबित है।







