भारत के वीर सपूत बलिदानी भगत सिंह का जन्मदिन 28 सितंबर को होता है। जैसा कि देखा जाता है किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम या आज की युवा पीढ़ी को शहीद भगत सिंह के बताए मार्ग पर चलने एवं राष्ट्रहित की बात सिखाई जाती है। लेकिन लगता है कि यह सिर्फ कहने वाली बात ही रह गई है। जैसा कि आज शहीद भगत सिंह का 118 जन्मदिन है पर शहर के भगत सिंह की प्रतिमा स्थल पर किसी प्रकार का कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया। कुछ दो-चार की संख्या में ही लोग उपस्थित होकर भगत सिंह की प्रतिमा में फूल चढ़ाते नजर आए। विचार करने वाली बात यह है कि स्कूलों में या किसी कार्यक्रम में भगत सिंह को और उनके विचारों को हमेशा से प्राथमिकता दी जाती है।

लेकिन आज उनके जन्मदिन के अवसर पर वह देशभक्ति देखने को नहीं मिली। लोगों के द्वारा किसी भी प्रकार का कार्यक्रम नहीं आयोजित किया गया। कुछ चुनिंदा लोगों ने ही भगत सिंह को श्रद्धांजलि दी। यह दुखद बात है कि देश के लिए अपने प्राण निछावर करने वाले देश के वीर सपूत भगत सिंह को लोग भूलते जा रहे हैं। जन्मदिन पर भी किसी प्रकार का कोई कार्यक्रम शहर में नहीं देखा गया।




