एक बार फिर से सिम्स के गायनिक विभाग के चिकित्सकों द्वारा मरीज और मितानिन के साथ अभद्र व्यवहार करने का मामला सुर्खियों में है।पामगढ़ के ग्राम बोरसी की मितानिन मुन्नी जोगी ने बताया कि गांव की महिला संतोषी टण्डन जिसके गर्भ में टुइन्स बेबी पल रही है।27-28 कि दरमियानी रात संतोषी प्रसव पीड़ा से तड़प रही थी जिसे तत्काल इलाज के लिए पामगढ़ अस्पताल ले जाया गया।जहां हाई रिस्क बताकर सिम्स रिफर कर दिया गया।लेकिन सिम्स पहुंचते ही गायनिक विभाग के चिकित्सक कहने लगे जो जब भी पाता है मुँह उठाकर कभी भी चला आता है।इतना सुनते ही मरीज के परिजन और मितानिन आग बबूला हो गए और चिकित्सकों और मितानिन के बीच जमकर बहस छिड़ गई।मितानिन ने आरोप लगाया है कि गायनिक के चिकित्सकों ने अबतक मरीज का किसी तरह कोई जांच नही किया ।

मतलब अबतक उपचार शुरू नही हुआ है।जिसको लेकर मितानिन ने सिम्स प्रबंधन को इस पूरे मामले की लिखित शिकायत भी की है।इसी के साथ शनिवार को पत्नी के साथ इलाज कराने सिम्स पहुंचे विजय पांडे ने बताया कि वे सिम्स एमआरडी में पर्ची कटवा रहे थे तभी यहां किसी ने उनकी पॉकिट ही मार दी।उन्होंने इसको लेकर सिम्स की सुरक्षा व्यवस्था की भी पोल खोलकर रख दी है और सिम्स प्रबंधन पर आरोप लगाया कि यह सबकुछ सिम्स प्रबंधन के मिली भगत से हो रहा है।क्योंकि यहां सुरक्षाकर्मियों के बीच कोई पॉकिट मार कैसे सिम्स के अंदर प्रवेश कर रहा है। बहरहाल सिम्स की व्यवस्था सुधारने शासन प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी।रोजाना कलेक्टर भी सिम्स पहुँचकर मरीजों से मिलकर चिकित्सकों की गतिविधियों को देखकर व्यवस्थाओं का जायजा लेने लगे।कुछ दिनों तक व्यवस्था ठीकठाक रही।

लेकिन फिर से चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात की तरह हो गयी है।भले ही इसे नकारा नही जा सकता कि यहां के व्यवस्थाओं में जरूर सुधार होने लगा है लेकिन व्यवस्थाओं का संचलान करने वाले चिकित्सकों के व्यवहार में सुधार नही हो रहा है।इसी के साथ यहां मरीजों और उनके परिजनों को लूटने के लिए पॉकिट मार भी सिम्स में सक्रिय है।देखने वाली बात होगी कि आखिर कबतक सिम्स में इस तरह की समस्याओं से सभी को निजात मिलती है।





