तुलसी साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़ प्रांतीय इकाई के तत्वावधान में रविवार को एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें समाज सेवा, साहित्य और राजनीति के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने वाले प्रतिभाशाली व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। यह समारोह छत्तीसगढ़ की साहित्यिक और सांस्कृतिक समृद्धि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था सम्मान समारोह के इस खास अवसर पर सुप्रसिद्ध विदुषी डॉ. पुष्पा दीक्षित को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। डॉ. दीक्षित ने पाणिनी पर महत्वपूर्ण शोध कार्य किया है और उन्हें राष्ट्रपति द्वारा भी पुरस्कृत किया जा चुका है। उनके इस अभूतपूर्व योगदान को सम्मानित करते हुए अकादमी ने उन्हें विशेष पुरस्कार प्रदान किया।इसके अलावा, शंकर यादव को राजनीति में शुचिता बनाए रखने और समाज के प्रति उनकी निष्ठा के लिए सम्मानित किया गया। वहीं, समाज सेवा और साहित्यिक संस्कृति से गहरा जुड़ाव रखने वाली डॉ. स्मृति वैष्णव जैन को भी ‘समाज साधना पुरस्कार’ से नवाजा गया। रायगढ़ से बलराम शर्मा को उनके सतकर्म और समाज में जागरूकता अभियान के लिए सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में शिव प्रताप साव को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उनके पिता अमरनाथ साव भी अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जिससे समारोह की गरिमा और बढ़ गई।हिंदी और छत्तीसगढ़ी के सुप्रसिद्ध कवि शरद तिवारी को भी साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए विशेष सम्मान दिया गया। इसके अतिरिक्त, नेपाल से ब्रांड एंबेसडर के रूप में बिलासपुर की डॉ. प्रीति प्रसाद, रत्नावली सम्मान, भोपाल से डॉ. आभा गुप्ता, डॉ. किरण राठौड़ और कई अन्य शिक्षाविदों तथा समाजसेवियों को भी सम्मानित किया गया।कार्यक्रम के दौरान एक विशेष पुस्तक विमोचन भी संपन्न हुआ। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी बाल कहानियों और राम-केंद्रित भजनों पर आधारित दो पुस्तकों का विमोचन किया गया, जिनके लेखक रमज़ा सीतल, पाटन वार और राजपूत हैं। पुस्तक विमोचन के बाद काव्य गोष्ठी का आयोजन भी हुआ, जिसमें साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं का वाचन किया।तुलसी साहित्य अकादमी द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम बिलासपुर में अपने ढंग का एक वार्षिक समारोह माना जाता है, जो समाज और साहित्य के क्षेत्र में योगदान देने वालों को मंच प्रदान करता है। इस वर्ष के आयोजन में एक विशेष सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया गया, जिसमें समाज सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली डॉ स्मृति जैन को ‘समाज साधना पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह में यूं तो सभी ने अपने अपने विचार व्यक्त किये,,आयोजनकर्ताओं का सरहना भी किया।इसी तरह इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए डॉ. स्मृति वैष्णव जैन ने भी कहा कि तुलसी साहित्य अकादमी द्वारा समाज साधना के लिए यह सम्मान पाना अत्यंत गर्व की बात है।इतने कम समय में इस तरह का प्रतिष्ठित सम्मान पाना मेरे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है।समारोह के अंत में तुलसी साहित्य अकादमी ने सभी सम्मानित व्यक्तियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में भी समाज सेवा, साहित्य और संस्कृति को आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया।




