बिलासपुर में राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा “कार्यक्रम आपके द्वार” के तहत राष्ट्रीय स्तर पर जनसुनवाई का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पुलिस लाइन स्थित चेतना भवन में आयोजित हुआ, जहां राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य ममता कुमारी, एडीएम, पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, पीड़ित पक्षकारों समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। इस जनसुनवाई में बिलासपुर, मुंगेली, कोरबा और जांजगीर जिलों से कुल 48 मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें से अधिकतर घरेलू हिंसा से जुड़े मामले थे। इसके अलावा तीन नए मामलों की भी सुनवाई हुई, जिसमें सबसे गंभीर मामला एक युवती की आपत्तिजनक तस्वीर वायरल करने का था। इस घटना से युवती की साख और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग ने पुलिस अधीक्षक को तत्काल कार्रवाई करने और जल्द से जल्द समाधान निकालने के निर्देश दिए।राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य ममता कुमारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी मामलों का निपटारा एक सप्ताह के भीतर किया जाए। उन्होंने कहा कि केवल जिला स्तर पर ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी महिला आयोग मामलों को गंभीरता से लेता है और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करता है।कार्यक्रम के दौरान महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को लेकर भी चर्चा की गई। ममता कुमारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि सन 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के साथ-साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाया जाए। इसके लिए महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना, घरेलू हिंसा और साइबर अपराधों से सुरक्षा दिलाना और न्याय दिलाने की प्रक्रिया को सरल और त्वरित बनाना महिला आयोग की प्राथमिकताओं में शामिल है। जनसुनवाई के दौरान जब महिला अपराधों में बढ़ोतरी को लेकर सवाल किया गया, तो ममता कुमारी ने सीधा जवाब देने से बचते हुए कहा कि जैसे-जैसे विज्ञान आगे बढ़ता है, चुनौतियां भी बढ़ती हैं, लेकिन महिला आयोग इन चुनौतियों को स्वीकार करते हुए आगे बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि जल्द ही केंद्रीय जेल सहित अन्य विभागों का निरीक्षण किया जाएगा, जहां यह देखा जाएगा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत महिलाओं को कितना लाभ मिल रहा है और गर्भवती महिलाओं की देखभाल किस तरह की जा रही है। इन सभी बिंदुओं की रिपोर्ट तैयार कर राष्ट्रीय महिला आयोग को भेजी जाएगी।
महिला आयोग की सदस्य ने यह भी कहा कि आयोग केवल सुनवाई तक सीमित नहीं रहता, बल्कि मामलों को सुलझाने में पूरी गंभीरता दिखाता है। सभी महिलाओं को न्याय संगत प्रक्रिया के तहत त्वरित राहत मिले, यह सुनिश्चित किया जाएगा। कार्यक्रम में शामिल पीड़ित महिलाओं और उनके परिजनों ने आयोग से न्याय की गुहार लगाई। कुछ मामलों में तत्काल राहत दी गई, जबकि अन्य मामलों में तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग की इस पहल से महिलाओं को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। आयोग की सदस्य ने यह भी बताया कि आने वाले दिनों में केंद्रीय जेल का निरीक्षण किया जाएगा, जहां महिला कैदियों की स्थिति का जायजा लिया जाएगा। इसके अलावा महिलाओं के स्वास्थ्य और कल्याण से जुड़े सरकारी कार्यक्रमों की समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वे सही तरीके से लागू हो रहे हैं या नहीं। ममता कुमारी,,राष्ट्रीय महिला आयोग सदस् बिलासपुर में आयोजित इस जनसुनवाई ने महिला अधिकारों, सुरक्षा और न्याय व्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। महिला आयोग की पहल से घरेलू हिंसा, साइबर अपराध और अन्य महिला उत्पीड़न के मामलों में तेजी से न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ी है। आयोग की ओर से मिले निर्देशों के बाद प्रशासन भी सक्रिय नजर आ रहा है, जिससे महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को और बल मिलेगा।




