सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। सूर्यवंशी समाज के लोगों ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर आरोप लगाया है कि क्रांति बर्मन, शशीकांत बर्मन और उनके साथियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर के बावजूद पुलिस ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। समाज के लोगों का कहना है कि पुलिस की निष्क्रियता के चलते आरोपी खुलेआम धमकियां दे रहे हैं और इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।मामला तब शुरू हुआ जब सतनामी समाज के कुछ अज्ञात लोगों द्वारा सूर्यवंशी समाज के घरों पर पत्थर फेंकने की घटनाएं होने लगीं। इस समस्या के समाधान के लिए गांव की महिलाओं ने बैठक आयोजित की, लेकिन इस दौरान क्रांति बर्मन और शशीकांत बर्मन अपने साथियों के साथ वहां पहुंचे और नशे की हालत में महिलाओं से अभद्र भाषा में गाली-गलौच करने लगे। जब महिलाओं ने विरोध किया, तो शशीकांत बर्मन ने संतोषी लास्कर पर लाठी से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।घटना की शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस ने जांच शुरू नहीं की, न ही आरोपियों पर कोई कार्रवाई की। पीड़ितों का कहना है कि आरोपी सिरगिट्टी थाने से अपनी मिलीभगत का दावा कर रहे हैं और खुद को कानून से ऊपर बता रहे हैं। इससे आरोपी और अधिक बेखौफ हो गए हैं और मोहल्ले में आतंक फैला रहे हैं।स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि सूर्यवंशी समाज के लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और गांव छोड़ने तक की नौबत आ गई है। समाज के लोगों ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि न्याय मिल सके और क्षेत्र में शांति बहाल हो।




