अखण्ड रेलवे कर्मचारी संघ ने अपनी मांगों को लेकर बिलासपुर रेल मंडल के डीआरएम कार्यालय के बाहर धरना दिया। अखंड रेलवे कर्मचारी संघ के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए और अपनी 24 सूत्रीय मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली, रिक्त पदों को भरने और रेलवे के निजीकरण को रोकने जैसी अहम मांगें उठाईं। धरने के दौरान डीआरएम कार्यालय के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में रेलवे सुरक्षा बल के जवान तैनात रहे और पूरे क्षेत्र में सतर्कता बनाए रखी गई। प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखते हुए रेलवे प्रशासन से जल्द से जल्द समाधान निकालने की अपील की।संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि LDCE और GDCE की चयन प्रक्रिया में तेजी लाने, ट्रैकमेंटेनरों को सुरक्षा उपकरण देने और रनिंग स्टाफ को उचित भत्ते देने जैसी मांगें कर्मचारियों के अधिकारों से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि यदि इन मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो आगे आंदोलन को और तेज किया जाएगा।संकेत एवं दूरसंचार विभाग, परिचालन विभाग और लोको शेड के कर्मचारियों ने भी अपनी समस्याएं गिनाईं। 8 घंटे की ड्यूटी रोस्टर लागू करने, ओवरटाइम भत्ता बहाल करने और महिला कर्मचारियों को कार्यस्थल पर बेहतर सुविधाएं देने की मांग भी प्रमुख रही। धरना प्रदर्शन के दौरान अखण्ड रेल कर्मचारी संघ ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि पूर्व में इनके द्वारा राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन किया गया था तो रेलवे ने यूपीएस लागू किया जबकि लड़ाई ओपीएस की थी।इकाई तरह फिर से उनकी मांग ओपीएस की ही है।इसलिए यदि उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो वे बड़े आंदोलन की राह पकड़ने को मजबूर होंगे। वहीं, रेलवे प्रशासन का कहना है कि कर्मचारियों की मांगों पर विचार किया जा रहा है और जल्द ही समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी।


