बिलासपुर में बसे तेलुगु समाज ने रविवार को पूरे उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उगादि महोत्सव मनाया। दिन की शुरुआत घरों में स्नान, पूजा-अर्चना और शुभ कार्यों से हुई, जिसके बाद श्रद्धालु पारंपरिक परिधानों में सजे स्थानीय मंदिरों में दर्शन करने पहुंचे।हर वर्ष की तरह इस बार भी श्री सोलापुरी माता पूजा सेवा समिति द्वारा रेलवे नॉर्थ ईस्ट इंस्टिट्यूट मैदान में भव्य उगादि महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भाजपा नेता एवं पूर्व पार्षद व्ही. रामाराव ने दीप प्रज्वलन कर किया। इस दौरान तेलुगु पुजारी भास्कर नारायण ने पंचांग पाठ कर नए वर्ष के भविष्यफल का वाचन किया, जिसे श्रद्धालुओं ने ध्यानपूर्वक सुना।महोत्सव के दौरान समाज के लोगों के लिए विशेष खेल और प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। बच्चों, महिलाओं और पुरुषों के लिए दौड़, म्यूजिकल चेयर, रंगोली और मेहंदी प्रतियोगिता जैसी गतिविधियों ने समा बांध दिया। विजेताओं को पुरस्कृत कर प्रोत्साहित किया गया, जिससे पूरे आयोजन में उत्साह बना रहा।तेलुगु नववर्ष की पहचान उगादि पचड़ी इस बार भी आयोजन का मुख्य आकर्षण रही। नीम के फूल, कच्चे आम, गुड़, इमली समेत छह अलग-अलग स्वादों से तैयार इस प्रसाद का वितरण किया गया, जो जीवन के विविध अनुभवों का प्रतीक माना जाता है।शाम होते ही महोत्सव ने एक भव्य सांस्कृतिक संध्या का रूप ले लिया। तेलुगु समाज के कलाकारों ने संगीत, नृत्य और लोकगीतों की शानदार प्रस्तुतियां दीं, जिनका दर्शकों ने भरपूर आनंद उठाया।बिलासपुर का यह उगादि महोत्सव तेलुगु समाज की सांस्कृतिक जड़ों, परंपराओं और भक्ति भावना को जीवंत करता दिखा। उल्लास, भक्ति और आपसी सौहार्द के इस पर्व ने पूरे माहौल को आनंदमय बना दिया।


