चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। सरकंडा, सुभाष चौक स्थित श्री पीतांबरा पीठ त्रिदेव मंदिर में इस बार नवरात्रि विशेष रूप से खास है, क्योंकि मंदिर की स्थापना को 25 वर्ष पूरे हो गए हैं। इसे रजत महोत्सव के रूप में भव्य तरीके से मनाया जा रहा है। शक्ति उपासना के इस महापर्व पर 30 मार्च से 6 अप्रैल तक मंदिर में कई दिव्य अनुष्ठान किए जा रहे हैं। इनमें श्री रुद्र चंडी महायज्ञ, श्रीमद् देवी भागवत कथा, कलश यात्रा, दुर्गा सप्तशती पाठ सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान शामिल हैं। इन आयोजनों में देशभर से श्रद्धालु और संतजन हिस्सा ले रहे हैं।चैत्र नवरात्र के पहले दिन कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं सिर पर कलश धारण कर शामिल हुईं। इसके बाद पंचांग पूजन, यज्ञ मंडप प्रवेश, अखंड ज्योति प्रज्वलन और ध्वजारोहण संपन्न हुआ। 4 अप्रैल को भगवान गणेश, हनुमान जी और भैरव नाथ की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी, जबकि 6 अप्रैल को रुद्राष्टाध्यायी हवन और पूर्णाहुति के साथ भंडारे का आयोजन होगा।मंदिर में 30 मार्च से 16 अप्रैल तक प्रतिदिन श्रीमद् देवी भागवत कथा का पाठ भी किया जायेगा। भक्तजन मां भगवती की महिमा सुनकर भाव-विभोर हो रहे हैं। वहीं, मां बगलामुखी की विशेष पूजा भी जारी है, जिनकी आराधना शत्रु बाधा निवारण और मुकदमों में सफलता के लिए की जाती है।श्रद्धालु यहां श्री शारदेश्वर पारदेश्वर महादेव के रुद्राभिषेक और नमक चमक विधि से पूजा कर रहे हैं। साथ ही, त्रिदेव मंदिर में भगवान श्री राम और पारद शिवलिंग के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। अब प्राण प्रतिष्ठा के बाद यहां भगवान श्री गणेश, हनुमान जी और भैरवनाथ के दर्शन भी श्रद्धालु कर सकेंगे। रजत महोत्सव के चलते इस बार चैत्र नवरात्रि और भी खास बन गई है। पूरे मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल है, और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। मां भगवती के इस महापर्व में भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का संगम देखने को मिल रहा है।


