केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह अपने दो दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान राज्य के शीर्ष नेताओं और अधिकारियों से महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य राज्य, विशेषकर बस्तर क्षेत्र से नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने की रणनीति पर चर्चा करना है। राज्य के डिप्टी सीएम अरुण साव ने स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा मार्च 2026 तक बस्तर से नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त करने की है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सुरक्षा बल दुर्गम इलाकों में अभियान चला रहे हैं और नक्सलियों का सफाया कर रहे हैं। सरकार नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति और विकास लाने के लिए विभिन्न योजनाओं पर कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार के क्षेत्र में विकास परियोजनाओं को गति दी जा रही है, जिससे बस्तर क्षेत्र के लोग मुख्यधारा में शामिल हो सकें और उनका जीवन स्तर सुधरे। गृहमंत्री शाह अपने दौरे के दौरान दंतेवाड़ा भी जाएंगे, जहां वे सुरक्षा बलों और स्थानीय प्रशासन के साथ बैठक करेंगे। इसके अलावा, वे पंडुम महोत्सव में भी शामिल होंगे। यह महोत्सव बस्तर की पारंपरिक लोक कला और आदिवासी संस्कृति का उत्सव है, जहां आदिवासी समुदाय अपनी समृद्ध परंपराओं का प्रदर्शन करेंगे। इस दौरे के दौरान अमित शाह राज्य सरकार, सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें करेंगे। मिली जानकारी के अनुसार गृह मंत्री अमित शाह 4 से 6 अप्रैल के बीच आ सकते हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा को मजबूत करने, विकास योजनाओं को तेजी से लागू करने और स्थानीय युवाओं को मुख्यधारा में जोड़ने के लिए नए कदम उठाने पर चर्चा होगी। छत्तीसगढ़ सरकार और केंद्र की संयुक्त रणनीति से बस्तर को नक्सल मुक्त और विकसित क्षेत्र बनाने का प्रयास जारी है।


