शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। बन्नाक चौक पर नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस ने भारी वाहनों की अराजकता रोकने के लिए ट्रैफिक सिग्नल तो लगा दिया, लेकिन इसे सही तरीके से संचालित करने में पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं।
स्थिति यह है कि सिग्नल कभी चालू रहता है, तो कभी बंद, जिससे यहां हादसों की संभावना बनी रहती है। हमारे कमरे में कैद यह तस्वीर सिरगिट्टी क्षेत्र के बन्नाक चौक की है,,कमरे में कैद इस तस्वीर को आप खुद देख सकते हैं कि किस तरह से वाहन चालक बेखौफ होकर सिग्नल जंप कर रहे हैं,नियम कायदों को ताक में रखकर पुलिस प्रशासन को ठेंगा दिखाकर फर्राटे भर रहे हैं,लेकिन ट्रैफिक पुलिस इसे रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। तेज रफ्तार वाहन चालक नियमों को ताक पर रखकर गुजरते हैं, जिससे यहां हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस ने बिना किसी निगरानी व्यवस्था के सिग्नल तो लगा दिए, लेकिन अब तक कैमरे नहीं लगाए गए। इसका नतीजा यह है कि लोग बेधड़क नियम तोड़ रहे हैं, और उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है।शहरवासी लगातार निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और ट्रैफिक नियमों को सख्ती से लागू करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस मौन धारण किए हुए हैं। प्रशासन की यह लापरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ सकती है। बन्नाक चौक पर यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए कैमरे लगाने, सख्ती से चालान करने और ट्रैफिक नियमों का पालन कराने की जरूरत है। प्रशासन को अब इस मामले को गंभीरता से लेना होगा, वरना इसकी कीमत राहगीरों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ेगी।


