नगर निगम के नए कार्यकाल की पहली एमआईसी की बैठक में ही स्ट्रीट लाइट टेंडर को लेकर हंगामा हुआ। एमआईसी सदस्य विजय ताम्रकार ने टेंडर पर आपत्ति जताई, जिस पर सदस्यों से चर्चा के बाद 5.50 करोड़ रुपए के इस टेंडर को निरस्त कर दिया गया।दरअसल, शहर की सड़कों पर स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए नगर निगम ने 5.50 करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया था। यह टेंडर 2.31 प्रतिशत बिलो रेट पर जांजगीर की उदयश्री ग्रुप कंपनी को दिया गया था। बैठक में विजय ताम्रकार ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि प्रदेश में आमतौर पर 20 से 25 प्रतिशत बिलो रेट पर काम होता है। ऐसे में इस टेंडर से निगम को लगभग 1.25 करोड़ रुपए का नुकसान होगा। टेंडर निरस्त होने के बाद अब नए सिरे से टेंडर की प्रक्रिया को पूर्ण किया जाएगा और शहर में स्ट्रीट लाइट का काम पूर्ण होगा हालांकि एमआईसी की बैठक में जिस तरह से टेंडर निरस्त की कार्रवाई की गई है यह दर्शाता है कि आने वाले समय में जिस तरह से भाजपा ने भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की बात कही थी उसे पर अब अमल होता नजर आ रहा है आने वाले समय में नगर निगम में इस तरह के हुए फर्जीवाड़े की और भी जांच होगी।


