
बिलासपुर रेलवे स्टेशन के गेट नंबर एक पर फायर सेफ्टी वीक के अंतर्गत शुक्रवार को एक विशेष मॉकड्रिल का आयोजन किया गया।इस अभियान में RPF, GRP, SDRF और दमकल विभाग की संयुक्त टीमें शामिल हुईं।मॉकड्रिल का उद्देश्य यात्रियों,कुलियों और रेलवे कर्मचारियों को आगजनी जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित करना था। मॉकड्रिल में लाइव रेस्क्यू ऑपरेशन दिखाया गया जिसमें एक व्यक्ति को आग से घिरे स्थान पर फंसा हुआ दर्शाया गया।

आग लगने के बाद दमकल और रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर तत्काल उसे सुरक्षित बाहर निकाला।इस अभ्यास के माध्यम से यह बताया गया कि ऐसी घटनाओं में घबराने की बजाय समझदारी और टीमवर्क से कैसे जान बचाई जा सकती है।अग्निशमन कर्मियों ने आग बुझाने वाले यंत्रों का प्रयोग करके आग पर काबू पाने की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया।उन्होंने बताया कि शुरुआती मिनटों में सही कदम उठाकर बड़ी दुर्घटनाओं को टाला जा सकता है।

इस दौरान सुरक्षित बाहर निकलने के मार्ग, धुएं से बचने के उपाय और भीड़ नियंत्रण की रणनीति भी साझा की गई।मॉकड्रिल में एक और महत्वपूर्ण सीन जोड़ा गया।जिसमें यह दिखाया गया कि अगर आगजनी या भगदड़ के दौरान किसी व्यक्ति को हार्ट अटैक जैसी स्थिति हो जाए, तो क्या करना चाहिए।CPR और बेसिक लाइफ सपोर्ट की ट्रेनिंग दी गई ताकि आम लोग भी संकट के समय प्राथमिक चिकित्सा देकर किसी की जान बचा सकें।दीपांकुर नाथ, जिला सेनानी, नगर सेना ने बताया कि हम केवल आग बुझाने तक सीमित नहीं हैं,हमारा उद्देश्य है लोगों को हर प्रकार की आपदा से निपटने में सक्षम बनाना।चाहे वो आग हो, धुआं हो या मेडिकल इमरजेंसी हर स्थिति में सजग रहना जरूरी है।

इस कार्यक्रम में यात्रियों, रेलवे कर्मचारियों, कुलियों और अधिकारियों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। सभी ने न केवल मॉकड्रिल देखा, बल्कि सवाल पूछकर जानकारी भी हासिल की। इससे यह स्पष्ट हुआ कि ऐसी ट्रेनिंग से आम जनमानस में जागरूकता और आत्मविश्वास बढ़ता है।नगर सेना और अग्निशमन विभाग ने साफ किया है कि फायर सेफ्टी वीक के बाद भी यह मुहिम जारी रहेगी।गर्मी के मौसम में आग की घटनाएं अधिक होती हैं,ऐसे में लगातार मॉकड्रिल और जनजागरूकता कार्यक्रमों से हादसों की रोकथाम और जनहानि को टालने की दिशा में अहम कदम उठाए जा रहे हैं।




