
मस्तूरी थाना क्षेत्र के हिर्री गांव में 20 वर्षीय राहुल कुर्रे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला अब तूल पकड़ चुका है। घटना को दो महीने बीत जाने के बाद भी जब पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, तो मृतक के परिजन बुधवार को एसपी कार्यालय पहुंचकर जमकर नाराजगी जाहिर की। परिजनों ने इस मामले में जांच में लापरवाही बरतने और जानबूझकर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया। हिर्री गांव के रहने वाले राहुल कुर्रे की लाश करीब दो महीने पहले संदिग्ध हालात में मिली थी। उसके शरीर पर गहरी चोटों के कई निशान थे, जिससे यह साफ था कि उसकी मौत सामान्य नहीं थी। परिवार वालों ने शुरू से ही इसे हत्या बताते हुए गांव के ही कुछ लोगों को आरोपी ठहराया था। परिजनों का आरोप है कि राहुल का गांव की एक युवती से प्रेम संबंध था, और युवती के परिजनों को यह रिश्ता मंजूर नहीं था। परिजनों ने कहा कि युवती के घरवालों ने ही राहुल की बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर दी और पुलिस को इसकी पूरी जानकारी है, बावजूद इसके अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। परिजनों का गुस्सा उस समय और भड़क गया जब दो महीने बाद भी पुलिस ने न तो एफआईआर दर्ज की और न ही किसी आरोपी को पूछताछ के लिए बुलाया। बुधवार को जब वे एसपी कार्यालय पहुंचे, तब मामला पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के संज्ञान में आया।

एसपी ने तत्काल मस्तूरी थाना प्रभारी हरीश टांडेकर को मामले में एफआईआर दर्ज करने और निष्पक्ष जांच शुरू करने के निर्देश दिए। इस दौरान मृतक के परिवार ने थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाए कि उन्होंने जानबूझकर मामले को दबाया और शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया। पुलिस प्रवक्ता रश्मीत कौर चावला ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट लैब से अब तक नहीं आने की वजह से केस में एफआईआर दर्ज नहीं हो पाई थी। लेकिन अब मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि परिजनों की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है और जल्द ही सभी पहलुओं की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। परिजनों को न्याय दिलाने का भरोसा भी पुलिस की ओर से दिया गया है।




